संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से नगर निगम कार्यालय परिसर में झाड़ू तक नहीं लग रही है, जिसके चलते पूरे कार्यालय में कचरा पड़ा है। इससे अन्य कर्मचारी और आने वाले लोग परेशान हैं। वहीं प्रशासन ने हड़ताली कर्मचारियों को एस्मा लगाने की चेतावनी दी। इसके बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
हड़ताल से नगर निगम परिसर से लेकर सीएफसी (नागरिक सुविधा केंद्र) सेंटर तक गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं। दूर-दराज से अपने काम के सिलसिले में आने वाले आम नागरिक बदबू के बीच खड़े होकर काम कराने को मजबूर हैं। निगम के अपने कर्मचारी भी गंदगी फैलाने में पीछे नहीं हैं। दोपहर को लंच के बाद बची हुई दाल-सब्जी और जूठा खाना खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे मक्खियां भिनभिना रही हैं और उठती दुर्गंध ने बैठना तक दुश्वार कर दिया है।
दूसरी ओर, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। एस्मा लागू होने के बावजूद कर्मचारियों के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में एकत्रित होकर नारेबाजी की और इसके बाद आईटीआई यमुनानगर तक शहर की प्रमुख सड़कों पर जुलूस निकाला। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर सम्मानजनक समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी तरफ से आंदोलन को लंबा नहीं खींचना चाहते, लेकिन सरकार की हठधर्मिता उन्हें हड़ताल जारी रखने पर मजबूर कर रही है।
यदि नौ सितंबर तक लिखित आदेश जारी नहीं होते हैं, तो वे हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने के लिए विवश होंगे। इस दौरान कर्मचारियों ने राहगीरों को हैंडबिल बांटकर सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के प्रति जागरूक किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता पालिका शाखा प्रधान पपला व अग्निशमन जिला प्रधान विजेंदर ने की। संचालन सुभाष ने संभाला।
जिला स्तरीय न्याय पंचायत का आयोजन 11 को
धरने को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सतीश कुमार, प्रवेश परोचा, संतोष कुमार, जोत सिंह और जरनैल सिंह चनालिया ने कहा कि सरकार समाधान निकालने के बजाय दंडात्मक कार्रवाई के पत्र जारी कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिया कार्रवाई या मुकदमों से कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। संघ ने एलान किया कि यदि नौ सितंबर तक मानी गई मांगों के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए, तो 11 सितंबर को धरना स्थल पर जिला स्तरीय न्याय पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें किसान, मजदूर, सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर आंदोलन को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा।
नगर निगम के जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उनके साथ सरकार स्तर पर बातचीत चल रही है। फिलहाल किसी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
उल्टा झाड़ू लेकर रोष प्रदर्शन करते सफाई व दमकल कर्मचारी। संवाद
उल्टा झाड़ू लेकर रोष प्रदर्शन करते सफाई व दमकल कर्मचारी। संवाद