केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है। इसके चलते बुधवार (आज) को बिजली-पानी व रोडवेज जैसी जन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसके चलते लोगों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ सकता है।
हड़ताल की तैयारी को लेकर मंगलवार को भी कर्मचारी संगठनों ने रणनीति अख्तियार की और अलग-अलग स्थानों पर सरकार विरोधी रोष-प्रदर्शन किए गए। उधर, जिला प्रशासन की ओर से भी हड़ताल को लेकर जिले में धारा-144 लगाने के साथ पुलिस व विभागीय अधिकारियों की ड्यूटियां तय कर दी गई हैं।
बता दें कि यमुनानगर रोडवेज डिपो में 165 बसें है। इनमें से 145 ऑन रूट हैं। रोजाना यमुनानगर डिपो की बसों से हजारों यात्री सफर करते हैं और इससे रोडवेज को करीब 15 लाख रुपये की आमदन होती है। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान रोडवेज यूनियन की चक्का जाम रखने की रणनीति के कारण रोडवेज को लाखों के नुकसान के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
चक्का जाम से यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट बसों को चलाने की योजना बनाए हुए है। प्राइवेट बसों की कमी के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए हड़ताल के दौरान रेल या फिर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
रोडवेज के साथ ही बिजली और पानी सप्लाई से जुड़े विभागीय कर्मियों के भी हड़ताल पर होने से इन दोनों सुविधाओं के भी प्रभावित होने का अंदेशा है। इसके चलते भी लोगों के सामने दिक्कत पैदा हो सकती है।