संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वयं सहायता समूह प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। गांव चौराही का कीर्ति स्वयं सहायता समूह इसका जीवंत उदाहरण है। वर्ष 2021 में गठित समूह सदस्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है और महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहा है।
समूह में दस महिलाएं शामिल हैं। इसकी प्रधान कांता, सचिव महिंद्रों देवी और खजांची ममता देवी हैं। इनके साथ श्यामों देवी, पारो देवी, प्रवीन देवी, रीतू, मंजीत, गीता, तारो देवी और सुनैना देवी भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। सभी महिलाएं अलग-अलग स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
समूह की प्रधान कांता गांव में मनियारी और करियाना की दुकान संचालित कर रहीं हैं। वहीं सचिव महिंद्रों देवी ने पशुपालन को आय का माध्यम बनाया है और तीन पशुओं की देखभाल कर नियमित आमदनी अर्जित कर रही हैं। सुनैना देवी ब्यूटी पार्लर के साथ-साथ सिलाई-कढ़ाई कर रही हैं। रीतू भी सिलाई-कढ़ाई करती हैं। प्रवीन देवी पशुपालन और तारो देवी किराना दुकान चलाकर आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
समूह की खजांची ममता देवी का कार्य गांव में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। वह कॉमन सर्विस सेंटर और आटा चक्की का संचालन कर रही हैं। उनके केंद्र पर ग्रामीणों को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। इसके अलावा वह ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक भी करती हैं।
ममता देवी अन्नपूर्णा ग्राम संगठन में खजांची, समूह सखी तथा अरमान क्लस्टर में सह सचिव के रूप में भी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। गांव चौराही में वर्तमान में आठ स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे 80 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ममता देवी ने बताया कि उनके प्रयासों से समूह की महिलाओं के लिए छह लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे प्रत्येक महिला को 60 हजार रुपये मिले। इस राशि का उपयोग महिलाओं ने अपने-अपने व्यवसाय को बढ़ाने और आय के नए स्रोत विकसित करने में किया। समूह की नियमित बैठकें हर माह आयोजित होती हैं।
जिला परिषद के सीईओ सुशील कुमार ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सक्रिय महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
सीएससी में मौजूद ममता। स्वयं