संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती तादाद अब लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। कई जगहों पर कुत्तों ने घरों के गेट तक पर कब्जा जमा लिया है, जिससे आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी व कारोबारी महेंद्र मित्तल, संजय मित्तल और हरविंद्र चहल ने बताया कि उनके क्षेत्र में सुबह से लेकर देर रात तक कुत्तों के झुंड घरों के बाहर बैठे रहते हैं। गेट खोलते ही कुत्ते भौंकने या गुर्राने लगते हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर खास चिंता बनी हुई है।
कई बार लोग कुत्तों के डर से जरूरी काम भी टाल देते हैं।जिला नागरिक अस्पताल के आंकड़े भी समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं। हर माह करीब 700 से 800 लोग एंटी रेबीज टीका लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 714, फरवरी में 846, मार्च में 833, अप्रैल में 792, मई में 488, जून में 781, जुलाई में 1118, अगस्त में 1023, सितंबर में 1019, अक्तूबर में 1040, नवंबर में 760 और दिसंबर में 770 लोगों को टीका लगवाना पड़ा।
वर्ष 2026 के जनवरी माह में भी 820 लोग अस्पताल पहुंचे, जबकि फरवरी के आंकड़े भी इसी के आसपास रहने की संभावना है। यह केवल सरकारी अस्पताल का डेटा है जबकि निजी अस्पतालों के आंकड़े अलग हैं। नगर निगम भी लावारिस कुत्तों की समस्या से अवगत है।
शहरवासियों को दिलाई जाएगी राहत : महाबीर
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। जल्द ही टीमें मैदान में उतरकर अभियान शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि अभियान को तेज गति से चलाकर शहरवासियों को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। निगम की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे कुत्तों को उकसाने से बचें और किसी भी घटना की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।