संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली स्टेडियम इन दिनों लापरवाही और अव्यवस्था का शिकार होता नजर आ रहा है। खेल गतिविधियों के लिए उपयोग में आने वाले इस महत्वपूर्ण मैदान में दिन के समय भी लावारिस पशुओं का बेधड़क प्रवेश होना आम बात बन चुकी है। गाय-बछड़े और अन्य मवेशी मैदान में घूमते हुए न सिर्फ खिलाड़ियों के अभ्यास में बाधा पैदा करते हैं, बल्कि उनके लिए गंभीर चोट का खतरा भी बनते हैं।
स्टेडियम में लगे बिजली के कई बोर्ड भी लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। बारिश के दौरान इनमें चिंगारी उठने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि कई बोर्डों के तार खुले में लटकते देखे गए हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि ऐसे खुले और खराब बिजली बोर्ड कभी भी बड़ा हादसा पैदा कर सकते हैं। खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है, क्योंकि स्टेडियम में रोजाना सैकड़ों युवक-युवतियां अभ्यास करने आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेडियम प्रबंधन द्वारा बार-बार शिकायतों के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। कई जगहों पर बाउंड्री दीवार टूटी हुई है, जिसके कारण आवारा पशुओं को अंदर आने से रोक पाना मुश्किल हो जाता है। वहीं सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होना भी सबसे बड़ा कारण है।, जिससे मैदान में निगरानी कमजोर पड़ जाती है।
खिलाड़ियों ने बताया कि जब वे प्रशिक्षण लेते हैं, तभी अचानक पशुओं के बीच में आने या बिजली बोर्ड से चिंगारी उठने जैसी घटनाएं उनके मन में डर पैदा करती हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और खेल विभाग से तुरंत प्रभावी समाधान की मांग की है। तेजली स्टेडियम की यह स्थिति खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल वातावरण दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
62 एकड़ में फैले स्टेडियम में एक चौकीदार, एक सफाई कर्मचारी व एक महिला कर्मचारी तैनात है। जल्द ही बाउंड्री की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और बिजली बोर्डों को बदला जाएगा। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी
टूटी लाइटें प पोल पर लगा जंग। संवाद- फोटो : mathura
टूटी लाइटें प पोल पर लगा जंग। संवाद- फोटो : mathura
टूटी लाइटें प पोल पर लगा जंग। संवाद- फोटो : mathura