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Yamuna Nagar News: स्टाेर कीपर रहते नहीं दी धान की सही जानकारी, गंवानी पड़ी नौकरी

Sun, 17 May 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में चर्चित धान घोटाले में हैफेड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के दो इंस्पेक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। हैफेड के प्रबंधक निदेशक ने इंस्पेक्टर चंद्रमोहन और इंस्पेक्टर राजेश को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी मानते हुए सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले के राइस मिलरों और आढ़तियों में एक बार फिर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार धान घोटाले के समय चंद्रमोहन रणजीतपुर अनाज मंडी और राजेश प्रतापनगर क्षेत्र की राइस मिलों में बतौर स्टोर कीपर तैनात थे। दोनों अधिकारियों को विभाग पहले ही निलंबित कर चुका था। अब विभागीय जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर दोनों को सेवा से हटाने की कार्रवाई की गई है।
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अब तक की पुलिस जांच में यह तो स्पष्ट हो ही चुका है कि घोटाले के दौरान फर्जी गेट पास काटे गए थे और कागजों में ही धान की खरीद और बिक्री दर्शाई गई। आरोप है कि संबंधित राइस मिलों में वास्तविक रूप से धान पहुंच रहा था या नहीं, इसकी जानकारी ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टरों ने अपने उच्च अधिकारियों को नहीं दी। ऐसे में आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला के साथ उनकी मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
हैफेड डीएम उधम सिंह कांबोज का कहना है कि सेवा से बर्खास्त करने से पहले दोनों कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया था। इसके लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन दोनों अपने पक्ष में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद जिला कार्यालय से पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी गई, जहां से प्रबंधक निदेशक ने अंतिम कार्रवाई करते हुए दोनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
धान घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र पर भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। गिरफ्तारी के बाद से सलेंद्र जिला जेल में बंद हैं। विभाग की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन जेल में होने के कारण उनकी व्यक्तिगत सुनवाई नहीं हो पाई है। विभागीय नियमों के तहत सुनवाई का अवसर दिए जाने के बाद ही उन पर अगली कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा परचेज मैनेजर अनिल कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
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निदेशक ने खुद पकड़ा था घोटाला

13 नवंबर 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार ने स्वयं प्रतापनगर स्थित संदीप सिंगला की राइस मिल का औचक निरीक्षण किया था। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान की भारी कमी पाए जाने पर जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसके बाद सात राइस मिलों में फैले इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। फिलहाल विभाग और एसआईटी दोनों इस मामले की गहराई से जांच में जुटे हैं।
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