संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सौतेले पिता और जीजा की ओर से दुष्कर्म करने से गर्भवती हुई नाबालिग ने बाथरूम में नवजात को जन्म दिया था। दोषी सौतेले पिता ने नवजात को सड़क किनारे लावारिस हालत में फेंक दिया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों को 20-20 साल कैद की सजा और 20-20 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना ना देने पर दोषियों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
दिसंबर 2023 को थाना बिलासपुर पुलिस को रणजीतपुर नदी पुल से नवजात बच्चा लावारिस हालत में मिलने की सूचना मिली थी। बिलासपुर के एक गांव के रहने वाले छोटू ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर जा रहा था। पुल के नजदीक उसे एक नवजात बच्चा लावारिस हालत में मिला, जिसके आसपास कुत्ते मंडरा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी।
इस दौरान एक नाबालिग लड़की थाने आई और उसने पुलिस को बताया कि बच्चा उसका है। तब पीड़िता ने बताया कि उसके सौतेले पिता और जीजा शमीम ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था, जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई। बाद में उसने घर के बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया। पीड़िता का सौतेला पिता और उसकी मां बच्चे को अस्पताल ले गए थे।
पुलिस ने पीड़िता के पिता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। तब आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ नवजात को लेकर पहले अस्पताल गया था। इसके बाद वह उसे नदी पुल के पास ले गया। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए नवजात बच्चा नदी पुल के पास लावारिस हालत में मिलने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपी सौतेले पिता और पीड़िता के जीजा को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।