संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहीद भगत सिंह चौक (पुराना फव्वारा चौक) के नवीनीकरण कार्य में अनियमितता का आरोप लगा है। करीब 15.65 लाख रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस चौक का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं हो सका है। वहीं निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री और प्रतिमा पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सबसे बड़ा विवाद चौक पर स्थापित की गई शहीद भगत सिंह की प्रतिमा को लेकर है। साढ़े छह फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जानी थी। मौके पर लगाई गई प्रतिमा की ऊंचाई मात्र पांच फीट 11 इंच पाई गई। इतना ही नहीं योजना के अनुसार आदमकद सामान्य मुद्रा वाली प्रतिमा लगनी थी, जबकि स्थापित की गई प्रतिमा में हाथ ऊपर उठाया गया है। वर्तमान में प्रतिमा को कपड़े से ढककर रखा गया है।
शहीद भगत सिंह चौक के नवीनीकरण की योजना वर्ष 2022 में तैयार की गई थी। हालांकि चौक के डिजाइन को अंतिम रूप देने में ही लंबा समय लग गया। कभी त्रिभुजाकार तो कभी गोलाकार स्वरूप को लेकर मंथन चलता रहा। इसके बाद 10 जनवरी 2025 को यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने परियोजना का शिलान्यास किया था। योजना के अनुसार अगस्त 2025 तक चौक का निर्माण कार्य पूरा किया जाना था।
इंकलाब मंदिर गुमथला के संस्थापक एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि शहीद के नाम पर बन रहा चौक भी भ्रष्टाचार से नहीं बच पाया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। चौक के चारों ओर लगाए गए लाल बलुआ और ग्रेनाइट पत्थरों का रंग बदलकर सफेद पड़ने लगा है। इससे निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। वहीं वार्ड 15 की पार्षद मनु कृष्ण सिंगला का कहना है कि वह इस पर अपनी आपत्ति भी जता चुकी हैं।
योजना के तहत सात मीटर की गोल परिधि में चौक का विकास किया जाना है। बीच में भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जानी है। इसके ऊपर झोपड़ी नुमा पत्थर की छतरी, चारों ओर पारदर्शी शीशे तथा आकर्षक डेकोरेटिव एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं, ताकि रात के समय चौक का स्वरूप भव्य दिखाई दे। लेकिन अब तक कार्य पूरा न होने और सामने आ रही कमियों ने पूरी परियोजना पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
जून अंत तक पूरा करना होगा काम : एक्सईएन
नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान ने बताया कि निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में प्रतिमा की निर्धारित ऊंचाई से कम होने, पत्थरों का रंग बदलने तथा अन्य तकनीकी खामियों का उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने अपने जवाब में नई और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रतिमा लगाने का आश्वासन दिया है। एजेंसी को जून माह के अंत तक पूरा कार्य समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय में कार्य पूरा नहीं हुआ तो नियमानुसार एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा।