कुरुक्षेत्र। विश्व की हर समस्या का समाधान पवित्र ग्रंथ गीता में निहित है। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इन उपदेशों को आज हर व्यक्ति को अपने जीवन में धारण करने की जरुरत है। यह आह्वान पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया।
वे सोमवार को गीता ज्ञान संस्थानम में बातचीत कर रहे थे। अपने इस दौरे के दौरान राज्यपाल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित संत सम्मेलन में शरीक हुए तो वहीं ओडिशा व हरियाणा पवेलियन का भी अवलोकन किया। उन्होंने शिल्पकारों से भी चर्चा की तो वहीं कहा कि ऐसे महोत्सव में आना बेहद अविस्मरणीय पल है। इस महोत्सव से गीता का अमर संदेश देश-दुनिया तक पहुंचेगा।
इससे पहले राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गीता ज्ञान संस्थानम के जीओ गीता म्यूजियम का अवलोकन किया और कृपा बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के उपरांत गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने कहा कि गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का अहम योगदान है। इन्ही के प्रयासों से ही आज सरकार के माध्यम से विदेशों में भी गीता महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि गीता जीवन जीने का आध्यात्मिक ग्रंथ है और कैसे जीया जाए और गीता में वेदों का ज्ञान है। भगवान ने चार वेद चार ऋषियों के माध्यम से बनाए और फिर वेदों का ज्ञान उपनिषदों में आया और यही ज्ञान गीता में हैं। गीता हमें कर्म करने का संदेश देती है। इस मौके पर उपायुक्त नेहा सिंह, एसपी वरुण सिंगला, 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबडा, संस्थानम के प्रधान मंगत राम जिंदल, केशव, राजेंद्र चौपड़ा, गीता महोत्सव प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला, हंसराज सिंगला, अशोक अरोड़ा, रमाकांत, के मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।