फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉकी के एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड के लिए खेल विभाग ने दोबारा भेजा एस्टीमेट, नौ करोड़ आएगा खर्च

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। तेजली खेल परिसर में एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर खेलने के लिए हॉकी खिलाड़ियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसमें महीनों व साल भी लग सकते हैं। खेल विभाग की तरफ से तेजली खेल परिसर में एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड बनाने का जो एस्टीमेट बनाया गया था उसे रिवाइज किया गया है। पहले विभाग की तरफ से करीब चार करोड़ 95 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था। जिसे अब नौ करोड़ रुपये का बनाया गया है। एस्टीमेट की फाइल अब अतिरिक्त मुख्य सचिव तक जाएगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड तैयार हो पाएगा।
विज्ञापन

एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड की हॉकी के खिलाड़ियों को काफी समय से दरकार है। परंतु तेजली खेल परिसर के निर्माण से लेकर अब तक भी ग्राउंड को एस्ट्रोटर्फ नहीं बनाया जा सका है। जिस कारण खेल प्रतिभाएं सामान्य खेल के मैदान पर ही दम तोड़ जाती हैं। यही वजह है कि उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता। हालांकि कॉमनवेल्थ व ओलंपिक खेलों में जिले की हॉकी दीपिका ठाकुर अपनी धाक जमा चुकी है।
सामान्य ग्राउंड पर अभ्यास करने में खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले में हॉकी के करीब 150 खिलाड़ी हैं, जो सुबह-शाम ग्राउंड में पसीना बहा रहे हैं। यदि कोई खिलाड़ी राज्य या नेशनल स्तर पर खेलने पहुंच भी जाए तो उसे एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर मैच खेलना होगा। ऐसे में अभ्यास सामान्य ग्राउंड पर किया हो और मैच एस्ट्रोटर्फ पर तो खिलाड़ी के लिए खेलना इतना आसान नहीं होता। इस समय तेजली में बने ग्राउंड की हालत यह है कि इसमें बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। कोई ग्राउंड मैन न होने के कारण खिलाड़ियों को खुद ही मैदान की साफ सफाई करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड की बहुत जरूरत है : हरजीत कौर
खेल विभाग की हॉकी कोच हरजीत कौर का कहना है कि एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड खिलाड़ियों के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि इससे खिलाड़ी की फिटनेस पर असर पड़ता है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर गेंद रुकती ही नहीं है। इसलिए खिलाड़ी निरंतर मैच खेल सकता है। जबकि सामान्य ग्राउंड पर ऐसा नहीं है। घास सख्त होने के कारण गेंद बार-बार रुक जाती है। जिससे खिलाड़ी को थकावट जल्दी हो जाती है। यदि एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड हो तो हॉकी से काफी संख्या में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
दोबारा एस्टीमेट बनाकर भेजा है : राजेंद्र पाल गुप्ता
जिला खेल अधिकारी राजेंद्र पाल गुप्ता ने बताया कि पहले हॉकी के एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड के लिए करीब पांच करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। परंतु उस राशि से ग्राउंड तैयार होना संभव नहीं था। इसलिए अब नौ करोड़ रुपये का रिवाइज एस्टीमेट बनाकर भेजा है। उम्मीद है इसे जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें