विकलांग अधिकार मंच के सदस्यों ने अपनी मांगों के लिए शनिवार को सरकार के खिलाफ अनाम मंडी जगाधरी में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व अधिकार मंच के राज्य महासचिव योगेश शांडिल्य ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ घोषणाओं तक ही सिमटकर रह गई है। निशक्तों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। जोकि भी योजना बन रही है सभी फाइलों में दबकर रह गई है।
मांगों को लेकर उन्होंने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया है, लेकिन समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मंत्रियों को भी ज्ञापन दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों पर तो उनकी समस्याओं के समाधान के लिए समय ही नहीं है। सरकार की ओर से कानून तो बना दिया है कि अधिकारी समय पर काम करें, लेकिन कोई उनकी समस्या को सुनने को कोई तैयार ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक तो हमारी कुदरत ने अनदेखी की है, वहीं अब सरकार भी अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन में उपस्थित कुछ सदस्यों ने बताया कि अगर जल्द ही कांग्रेस सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया, तो जल्द ही अन्य किसी पार्टी को समर्थन देने के बारे में विचार किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रचार करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। प्रदर्शन करने के बाद इन लोगों ने डीसी कैंप कार्यालय में ज्ञापन दिया। मौके पर जिला प्रधान लियाकत अली, बलबीर कैल, ज्ञानचंद, प्रवीण कुमार, सतीश कुमार शहजादपुर, अमीर खान, विकास, आएशा, गोवर्धन, अमीचंद, हातूल, प्रमोद मौजूद रहें।
ये मुख्य मांगें
-देश और राज्यस्तर पर निशक्त आयोग का गठन किया जाए।
- निशक्त पेंशन 70 प्रतिशत पर दो हजार रुपये और सौ प्रतिशत पर तीन हजार रुपये प्रति माह
-40 प्रतिशत से सौ प्रतिशत तक के निशक्तों को निशुल्क बस पास सुविधा।
-तीन प्रतिशत आरक्षित निशक्त कोटे को सभी सरकारी व निजी क्षेत्र की नौकरियों में व्यवहारिकता से लागू किया जाए।
-राज्य में सभी नौकरियों के लिए तय टेस्ट में पांच प्रतिशत की छूट।
-सभी निशक्तों के आवास के लिए विशेष योजना।
-सभी सुविधाएं तमाम निशक्तों के लिए 40 प्रतिशत पर लागू हो।
- निशक्त मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का काम पीएचसी और सीएचसी केंद्रों पर भी शुरू हो।
-स्वरोजगार के लिए विशेष ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।
-शिक्षा का समुचित प्रबंध किया जाए।
-शिक्षित बेरोजगारी भत्ता सभी शिक्षित निशक्त को दिया जाए।
-निशक्त के लिए सार्वजनिक प्रमाण पत्र बनाया जाए। जो स्वास्थ्य राशन, पहचान, पेंशन के तौर पर काम आ सके। -सरकारी महकमों में खाली पड़े निशक्त के आरक्षित पदों को तुरंत भरा जाए।