सिफारिश नै भूल जो, काबिलियत पैदा करो। ईब टेस्ट क्लीयर करोगे, तभी सरकारी नौकरी मिलेगी। यह बात हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने जगाधरी की शिब्बूमल धर्मशाला में आयोजित प्रतिभा सम्मान एवं समापन समारोह में कही। इसका आयोजन संत बाबा बलवंत सिंह की 78वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुर्जर कल्याण सभा द्वारा कराया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कंवरपाल ने गुर्जर समाज के 130 प्रतिभाशाली युवाओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
साथ ही सभा को ग्यारह लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है व सरकारी नौकरियों में पूरी तरह से पारदर्शिता लागू कर दी है। इसमें न मेरी और किसी ओर की सिफारिश चलेगी, इसके लिए समाज के युवा स्वयं में काबिलियत पैदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज राजनीति के क्षेत्र में तो आगे आया है, किंतु अन्य क्षेत्रों में अब भी हम पीछे हैं। सबसे जरूरी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने की है, समाज के युवाओं से आह्वान किया कि सिर्फ राजनीति के क्षेत्र में नहीं, बल्कि अफसर बनना सीखें। इसके लिए खूब पढ़ें और समाज को तरक्की की राह पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा का सम्मान जरूरी है। समाज में इस तरह के कार्यक्रम होने जरूरी हैं। इससे प्रतिभा में और निखार आता है।
उन्होंने समाज के 130 प्रतिभाशाली युवाओं और एडवोकेट सतपाल पंवार को 128 बार रक्तदान करने पर सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में सैकड़ों लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंजाब निवासी सरदार हरभजन सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम संत बाबा बलवंत सिंह की 78वीं जयंती पर किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ाना था। कार्यक्रम में जिला परिषद् सदस्य, ब्लॉक परिषद सदस्य व सरपंच भी मौजूद रहे। सभी से आग्रह किया गया कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे ईमानदारी से निभाएं। कार्यक्रम में भारतीय गुर्जर परिषद् के राष्ट्रीय प्रधान मोहम्मद शमी खटाना ने कहा कि घर में बेटी होना जरूरी है। बेटी परिवार का गौरव होती है।
उन्होंने कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना जरूरी है। जिन भी परिवारों ने बेटियों को पढने की आजादी दी, उन बेटियों ने माता-पिता का नाम रोशन किया। सरकार की तरफ से भी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया हुआ है। हमें इसे सफल बनाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग बेटियों को बोझ समझते हैं, उन्हें समझना होगा। क्योंकि बेटी बोझ नहीं होती। मौके पर जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद ने कहा कि युवा देश की शक्ति और भविष्य है। युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। सरकार की तरफ से युवाओं के लिए कई योजनाएं चलाई हुई हैं। खेलों में हिस्सा लेकर युवा अपना भविष्य संवार सकते हैं, क्योंकि खिलाडिय़ों को सरकार नौकरी के साथ सम्मान भी देती है।