संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व्यासपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किशोरियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम दहेज उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्राओं को सामाजिक कुरीतियों और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सीडीपीओ किरण बाला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए दहेज प्रथा और बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा सामाजिक असमानता को बढ़ावा देती है और महिलाओं के अधिकारों का हनन करती है।
यह न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि कई मामलों में घरेलू हिंसा जैसी गंभीर समस्याओं को भी जन्म देती है। उन्होंने छात्राओं को दहेज निषेध अधिनियम और बाल विवाह से जुड़े कानूनों की जानकारी देते हुए जागरूक और सतर्क रहने का आह्वान किया। किरण बाला ने बताया कि कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से लड़कियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर बढ़ने का खतरा रहता है, साथ ही कुपोषण, शारीरिक कमजोरी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
कार्यक्रम में पोषण पखवाड़ा के तहत संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी जोर दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि सही पोषण से ही शारीरिक और मानसिक विकास संभव है, जिससे वे स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सकती हैं। अंत में छात्राओं को दहेज मुक्त और बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विभाग की सुपरवाइजर कमलेश, मोनिका, नैंसी और प्रवीन लता सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।