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Yamuna Nagar News: किसी ने संभाला कारोबार तो कोई बनी ड्रोन दीदी

Fri, 14 Aug 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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नीलम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन (एचआरजीएएम) से जुड़कर जिले की करीब 47 हजार महिलाएं अब स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कई महिलाएं अपना व्यवसाय स्थापित कर लखपति दीदी बन चुकी और कुछ महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में खेतों में दवा का छिड़काव कर रही हैं।
एचआरजीएएम से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, कृषि से जुड़े कार्यों समेत अन्य गतिविधियों के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं। वहीं, विभाग की ओर से युवतियों और महिलाओं के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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रामपुर कांबोयान की नीलम ने बताया कि स्वरोजगार से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। पहले जहां परिवार की जरूरतों के लिए आय के सीमित साधन थे, वहीं अब खुद काम कर आमदनी में योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार ने उन्हें आर्थिक मजबूती देने के साथ समाज में भी अलग पहचान दिलाई है।
रतनपुरा की प्रवेश रानी अब गांव में ड्रोन दीदी के नाम से पहचानी जाती हैं। वह कृषि क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवाई छिड़काव का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नई तकनीक से जुड़कर काम करने का अवसर मिला है। इससे आमदनी का साधन बनने के साथ किसानों को भी कम समय में खेतों में दवाई का छिड़काव कराने की सुविधा मिल रही है।

व्यासपुर की प्रवेश रानी सिलाई-कढ़ाई का काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने इस काम को स्वरोजगार के रूप में अपनाया। घर से ही काम करके वह परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग कर रही हैं। उनके अनुसार, महिलाओं के लिए हुनर को रोजगार में बदलना आत्मनिर्भर बनने का अच्छा माध्यम है।
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समूहों से जुड़ने के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
महिलाओं का कहना है कि समूहों से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे घर की चारदीवारी तक सीमित रहने के बजाय आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी पहचान बना रही हैं। कई महिलाएं अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं और युवतियों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

नीलम।

नीलम।

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