यमुनानगर। परवालों गांव में आबादी के पास खुले में पड़ी राख अब लोगों को परेशान नहीं करेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद अब मौके पर पड़ी राख पर मिट्टी डलवाई जा रही है। जेसीबी मशीन से ईंट भट्ठे के पास पड़ी मिट्टी को खोद कर राख पर डलवाया जा रहा है। जल्द ही सारी राख पर मिट्टी डालने का काम पूरा हो जाएगा। अधिकारियों के इस कदम से लोगों ने राहत की सांस ली है। राख इतनी ज्यादा थी कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। एक मई के अंक में अमर उजाला ने परवालों गांव में डाली जा रही राख से लोगों को हो रही परेशानी का मामला उठाया तो इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारी मौके पर पहुंचे और मिट्टी डलवाने की कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार परवालों गांव शहर से सटा है। गांव के पास ईंट भट्ठा है। जिसका प्रयोग कच्चे माल को तैयार करने के लिए किया जाता था। करीब चार महीने पहले भट्टे के मालिक ने यह जमीन किसी अन्य को बेच दी थी। नए मालिक ने जमीन पर थर्मल की राख डलवानी शुरू कर दी थी। गर्मी की वजह से सूखी राख तेज हवा के कारण गांव में जा रही थी। इसके बाद अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर संज्ञान लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने एसडीओ को जांच के लिए मौके पर भेजा। उन्होंने लोगों से भी बातचीत की और समस्या का समाधान किया।
वर्जन
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मौके का मुआयना किया गया। जमीन मालिक को निर्देश दिए हैं कि वह वहां पड़ी राख पर मिट्टी डलवाएं नहीं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। राख पर मिट्टी डालने का काम शुरू हो गया है। अब राख गांव की तरफ नहीं जाएगी।
- वीरेंद्र पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुनानगर।