छछरौली। पश्चिमी यमुना नहर से हो रहे भूमि कटाव की समस्या तो हल हुई नहीं, ठेकेदार ने किसानों के लिए एक और संकट खड़ा कर दिया। ठेकेदार ने नहर की पटरी से मिट्टी को कट्टों में भरवा कर कटाव को रोकने के लिए नहर के किनारों पर डलवाना शुरू कर दिया। हालांकि मिट्टी से भरे कट्टे पानी के तेज बहाव के आगे टिक नहीं पा रहे। पटरी से मिट्टी उठाने के कारण किसानों की फसलें सुरक्षित नहीं रह पाएंगी। पटरी से मिट्टी उठाने से भविष्य में खेतों के लिए और ज्यादा समस्या पैदा हो सकती है। इस तरह के हालातों को देखकर पहले से चिंता में डूब गए हैं। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों की मांग है सिंचाई विभाग इस पर संज्ञान लें।
दरअसल पश्चिमी यमुना नहर की जब खोदाई की गई थी, तब किनारों को मजबूत करने के लिए मिट्टी साइडों में लगाई गई थी ताकि भूमि कटाव जैसी नौबत न आए। लेकिन अब जब मानसून सीजन के चलते बारिश के चलते नहर का जलस्तर भी बढ़ा है, ऐसे में पानी का तेज बहाव होने के चलते किनारों से भूमि कटाव हो रहा है। खारवन, किशनपुरा जैसे और भी गांवों में कटाव होने से करीब 20 एकड़ से अधिक फसल जमीन के साथ पानी में बह चुकी है। इसी कटाव को रोकने के लिए किसान कृषि मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। हालांकि सिंचाई विभाग ने प्रथम चरण में कट्टों में मिट्टी भर लगाना शुरू कर दिया। संवाद
-
वर्जन
मैंने अन्य अधिकारियों को वहां का दौरा करने के लिए बोल दिया है। इसके अलावा भूमि कटाव को रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, मशीन से कटाव रोका जाए इसके बारे में विचार भी किया जा रहा है, लेकिन पक्के रास्ते से आगे तक जाने के लिए किसानों की भूमि है।
-आरएस मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
-