संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब प्रकरण मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की भी संलिप्तता थी। अंबाला आबकारी विभाग के एईटीओ अनिल वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप व एएसआई सतबीर समेत 11 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। सभी आरोपी जेल जा चुके हैं। अब पुलिस को इस केस में फैक्ट्री के चेयरमैन व एमडी की तलाश है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में भ्रष्टाचार की धारा भी जोड़ दी गई है। जिससे पता चलता है कि मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका अहम थी। मामले की जांच कर रहे डीएसपी राजेश कुमार का कहना है कि मामले में अभी और कड़ियां खुलनी बाकी है। फैक्ट्री के चेयरमैन व एमडी की तलाश की जा रही है। जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा मामले में सात लाख संदिग्ध बार कोड, लेपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया जा चुका है।
सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास 1200 पेटियां शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। यह शराब की पेटियां रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी। जब पेटियों के बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस द्वारा स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाॅक इन दिखा रही हैं, जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है।
जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षय व जितेंद्र ही नकली बार कोड तैयार करते। इसके साथ ही जितेंद्र फैक्ट्री में सीसीटीवी का कंट्रोल करता था। जिससे फैक्ट्री से एक ही पास पर निकलने वाली गाड़ियां सीसीटीवी में नजर नहीं आती। इस केस में अब तक फैक्ट्री के तीन अधिकारी, आबकारी विभाग के तीन अधिकारी, दो शराब ठेकेदार सहित 11 आराेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।