स्मैक का बेचने का आरोपी पुलिस हिरासत में।
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नशा तस्करी से अधिक पैसा कमाने के लालच ने एक बिजली मिस्त्री को नशा तस्कर बना दिया। आरोपी के जीजा ने उसे इस दलदल में ऐसे धकेला कि इसके बाद वह नहीं निकल पाया। अधिक पैसे के लालच में आरोपी युवक ने बिजली मिस्त्री का काम छोड़ कर नशे की तस्करी का काम शुरू कर दिया। नशीले पदार्थ स्मैक के तस्करी करते हुए सीआईए वन की टीम ने आरोपी युवक को हथनीकुंड के पास दबोच लिया। आरोपी के पास से 25 ग्राम 17 मिलीग्राम स्मैक बरामद की गई। जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। रिमांड में आरोपी से अन्य खुलासे होने की संभावना है।
सीआईए-वन के इंचार्ज महाबीर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थों के साथ हथनी कुंड बैराज के रास्ते एक युवक जगाधरी आएगा। सब इंस्पेक्टर गुरमेज के नेतृत्व में एएसआई मोहकम सिंह, राजिंद्र सिंह, सुखविंद्र सिंह व विमल की टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर जाकर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद यूपी की तरफ से एक युवक आता दिखाई दिया। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 25 ग्राम 17 मिलीग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के दुमझेडा निवासी मोबिन के नाम से हुई। वह यूपी के सहारनपुर के गांव कासिमपुर स्थित अपने जीजा इमरान के पास से स्मैक व अन्य नशीले पदार्थ लाकर यहां जगाधरी शहर में आकर बेचता था।
ग्राम में लाकर बीट में बेचता था स्मैक : इंचार्ज महाबीर सिंह ने बताया कि आरोपी स्मैक ग्राम व मिलीग्राम के हिसाब से यूपी से स्मैक खरीद कर लाता था और यहां पर बीट के हिसाब से बेचता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह एक ग्राम स्मैक में करीब छह बीट होते है। 450 रुपये प्रति बीट के हिसाब से वह जगाधरी व अन्य इलाकों में स्मैक बेचता था। स्मैक खरीदने में अधिकतर फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूर होते थे। आरोपी से जो स्मैक बरामद हुई है उसकी कीमती करीब सवा लाख रुपये बताई जा रही है।