संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में वीरवार रात को हुई बारिश से कई अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। बारिश आने पर मजदूर तिरपाल लेकर धान को ढकने के लिए भागे। परंतु मजदूरों के पास पर्याप्त तिरपाल ही नहीं थी। गनीमत यह रही कि बारिश ज्यादा तेज नहीं थी। वरना जलभराव होने से अनाज मंडियों में पड़ा सारा धान भीग जाता।
सड़कों पर सुखाने के लिए धान की जो ढेरियां लगी हुई थी, उन्हें शुक्रवार को धूप में सुखाया गया। जिले की अनाज मंडियों में शुक्रवार को 19626 गेट पास कटे और 94085 मीट्रिक टन धान की आवक हुई। अभी तक मंडियों में 78260 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। उठान धीमा होने से मंडियां धान की बोरियों से अटी हुई हैं। मंडियों में किसानों को धान सुखाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही।
मंडियों में सड़कों पर जहां पर भी नजर जाती है वहां पर धान ही धान नजर आ रहा है। मजदूर दिनभर धान को सुखाने में लगे रहते हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मंडी में किसान जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों में धान लेकर आ रहे हैं उन्हें भी आढ़ती तक जाने की जगह नहीं मिल रही। इससे ट्रैक्टर-ट्रालियों व ट्रकों को धान के ऊपर से ही ले जाया जा रहा है।
अभी तक व्यासपुर अनाज मंडी में 7,550 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 7,311 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 2,046 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 11,432 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 607 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 1,180 मीट्रिक टन फसल खरीदी गई।
प्रतापनगर अनाज मंडी में 2,632 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 19,341 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 8,431 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 2,900 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 2,862 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 4,829 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
डिजिटल कांटों से नहीं हो रही तौलाई अनाज मंडियों में अभी भी पुराने सामान्य कांटों पर ही धान की तौलाई हो रही है। मंडियों में अभी तक डिजिटल कांटे उपलब्ध नहीं है। कृषि विभाग डिजिटल कांटों से तौल करने के आदेश जारी कर चुका है, इसके बावजूद मंडियों में धान तोलाई के लिए कहीं भी डिजिटल कांटे नहीं लगाए गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर का कहना है कि मंडियों में किसानों को लूटा जा रहा है। आदेशों के बाद भी पुराने कांटे ही लगाए गए हैं। डिजिटल कांटों की मांग किसानों ने खरीद शुरू होने से पहले ही कर दी थी। जब देश में छोटा-बड़ा हर सामान डिजिटल कांटे पर तौला जा रहा है तो जिले की अनाज मंडियों में पुराने कांटों से खरीद क्यों हो रही है।
मंडी में धान की तौलाई करते मजदूर। संवाद
मंडी में धान की तौलाई करते मजदूर। संवाद
मंडी में धान की तौलाई करते मजदूर। संवाद