सरस्वतीनगर। अनाज मंडी में गेहूं की खरीद करीब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 19045 एमटी हो चुकी है जबकि अभी तक उठान 12000 एमटी हुआ है तथा हैफेड द्वारा खरीद 12840 एमटी व उठान 8000 एमटी हुआ। उठान धीमी गति की होने की वजह से किसान व आढ़ती परेशान हैं। यह हालात हैं की पूरी तरह मंडी गेहूं के कट्टों से अटी पड़ी है।
क्षेत्र के किसानों रामपाल, राकेश कुमार, कर्म सिंह, रमेश कुमार ने बताया कि उठान धीमा होने से गेहूं की ट्रॉली भी नहीं ले जा सकते। अगर उठान में तेजी नहीं आई तो बहुत दिक्कत हो जाएगी। राजबीर, गुरमीत, जयकुमार व हरिंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें मंडी में गेहूं गिराए करीब एक सप्ताह हो चुका है लेकिन अभी तक उनकी पेमेंट नहीं आई। आढ़तियों से पूछने पर पता चला कि अभी तो गेहूं का उठान ही नहीं हुआ उठान होने के पश्चात उनके खातों में पेमेंट आएगी। जबकि सरकार 72 घंटे में पेमेंट करने के दावे करती है। लेकिन किसान पेमेंट न मिलने से काफी परेशान है।
खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं
सरस्वती नगर की अनाज मंडी में कोई शेड न होने के कारण खुले आसमान के नीचे गेहूं के चट्टे पड़े हैं। थोड़ी सी बरसात आने से ही गेहूं के कट्टे भीग जाते हैं। आढ़तियों के पास तरपालें ढकने के अलावा ओर कोई चारा नहीं। यह एक दिन की समस्या नहीं बल्कि हर सीजन में यह दिक्कत आती है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अवतार सिंह का कहना है कि मंडी में उठान धीमी गति से होने के कारण बहुत दिक्कत पेश आ रही है। मंडी में आवक ज्यादा होने कारण मंडी गेहूं से अटी पड़ी है। किसानों व आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने सरकार से मांग की कि गाड़ियां उठान के लिए बढ़ाई जाए। आढ़ती एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य संजय गर्ग का कहना है कि गेहूं की आवक के हिसाब से उठान बहुत कम है। ठेकेदार के पास गाड़ियों की कमी होने के कारण यह दिक्कत आ रही है जो उठान हो रहा है उसमें भी 388 आढ़तियों व सेलर मालिकों की गाड़ियों का सहयोग दिया जा रहा है। गेहूं खरीदी एजेंसी हैफेड के निरीक्षक मनीष कुमार व खाद्य एवं पूर्ति विभाग के निरीक्षक सुखचैन सिंह ने बताया कि खरीदी गई गेहूं का उठान जल्दी करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन आवक ज्यादा होने के कारण इन दिनों दिक्कत पेश आ रही है।