जिले में 201 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा है। जो डूबा पड़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पशुओं के लिए हरा चारा की दिक्कत खड़ी हो सकती है। पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में 2 29 506 पशु हैं। लेकिन पशु चारा के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत यमुना नदी से सटे गांव लापरा में देखने को मिली। यहां विभाग की तरफ से लगभग 25 पशुओं के लिए दो टॉली हरे चारा की भेजी जा चुकी है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के सभी ब्लॉक इंचार्ज को जहां भी चारे की जरूरत पड़े वहां के बारे में अपडेट करने के लिए कहा गया है।
जिले के 565 गांव में 61749 एकड़ फसल बारिश के पानी से डूब चुकी। दो चार दिन पहले जो धान की पौध लगाई गई थी वह बारिश के पानी में बह सकती है इसके अलावा जो कई दिन पहले लग चुकी उसे शायद नुकसान न हो। इसके अलावा गन्ने की फसल को भी ज्यादा नुकसान नहीं होगा। -राकेश पोरिया, एसडीओ, कृषि विभाग।
पशुओं के लिए हरा चारा भिजवाया
अभी तक लापरा से हरे चारे की डिमांड की गई थी हमने यहां हरा चारा भिजवा दिया है बकायदा एक एसडीओ भी नजर रखे हुए है। सभी ब्लॉकों के प्रभारियों को जहां कहीं भी हरे चारे की मांग आए उसे तुरंत अपडेट करने के लिए बोला गया है। -डॉ. सतबीर सिंह सैनी, एसडीओ पशुपालन विभाग।