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आसमानी कहर: यमुनानगर के 565 गांवाें में जलभराव, पानी में डूबी 61 हजार 794 एकड़ फसल

Thu, 13 Jul 2023 08:01 AM IST
नवीन दलाल सुरेश सैनी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

हरियाणा के चार जिलों में बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। जहां भी नजर घुमाओ पानी ही पानी दिख रहा है। आने वाले दिनों में खेतों से पानी कम होने की कोई गुंजाइश नहीं है। यमुनानगर के 565 गांवाें में 61794 एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
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खेत हुए जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ये जो तस्वीर आप देख रहे यह कोई नहर नहीं बल्कि खेत हैं। इन खेतों को किसानों ने खून पसीने से सींचकर इनमें फसल लगाई थी। जो आज बाढ़ के पानी में समा गई है। खेत पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। आसमानी कहर से जिले के 565 गांवाें में 61794 एकड़ फसल पानी में डूब गई है।

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हालात- नजर घुमाने पर चारों ओर खेतों में दिख रहा पानी ही पानी
जहां भी नजर घुमाओ पानी ही पानी दिख रहा है। हालात यह हैं कि खेतों में बाढ़ का दो से तीन फीट पानी जमा है। पानी कम होने की बजाए पहले से और बढ़ गया है। जबकि मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह भी बारिश बताई हुई है। ऐसे में खेतों से पानी कम होने की कोई गुंजाइश नहीं है। आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो सकती है। चूंकि बाढ़ का पानी एक खेत से दूसरे खेतों में प्रवेश कर रहा है जिसके चलते खेत पूरी तरह से जलमग्न हैं।

गन्ने को कम तो धान की फसल ज्यादा नुकसान
कृषि विभाग के अनुसार जिले के 565 गांव में 61749 एकड़ फसल बारिश के पानी में डूब चुकी। जिसमें शून्य से 25 प्रतिशत की रेंज में 20044 एकड़, 25 से 50 प्रतिशत की रेंज में 170 23 एकड़, 50 से 75 प्रतिशत एरिया में 12 450 एकड़ और 75 से 100 प्रतिशत की रेंज में 12005 एकड़ फसल पानी में डूबी हुई है। विभाग के अनुसार गन्ने को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। इसमें जो दो चार दिन पहले जो धान की पौध लगाई गई तो वह पानी में बह सकती है लेकिन जो पौध 15 से 20 दिन पहले लगाई जा चुकी उसे कोई नुकसान नहीं है।

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201 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा

जिले में 201 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा है। जो डूबा पड़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पशुओं के लिए हरा चारा की दिक्कत खड़ी हो सकती है। पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में 2 29 506 पशु हैं। लेकिन पशु चारा के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत यमुना नदी से सटे गांव लापरा में देखने को मिली। यहां विभाग की तरफ से लगभग 25 पशुओं के लिए दो टॉली हरे चारा की भेजी जा चुकी है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के सभी ब्लॉक इंचार्ज को जहां भी चारे की जरूरत पड़े वहां के बारे में अपडेट करने के लिए कहा गया है।
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खेतों में दो से तीन फीट तक जमा है बाढ़ का पानी

जिले के 565 गांव में 61749 एकड़ फसल बारिश के पानी से डूब चुकी। दो चार दिन पहले जो धान की पौध लगाई गई थी वह बारिश के पानी में बह सकती है इसके अलावा जो कई दिन पहले लग चुकी उसे शायद नुकसान न हो। इसके अलावा गन्ने की फसल को भी ज्यादा नुकसान नहीं होगा। -राकेश पोरिया, एसडीओ, कृषि विभाग।

पशुओं के लिए हरा चारा भिजवाया
अभी तक लापरा से हरे चारे की डिमांड की गई थी हमने यहां हरा चारा भिजवा दिया है बकायदा एक एसडीओ भी नजर रखे हुए है। सभी ब्लॉकों के प्रभारियों को जहां कहीं भी हरे चारे की मांग आए उसे तुरंत अपडेट करने के लिए बोला गया है। -डॉ. सतबीर सिंह सैनी, एसडीओ पशुपालन विभाग।
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