लगातार हो रही बारिश ने लोगों के आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया है। बारिश से शहर के लगभग सभी क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। जिले के दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इन गांवों में तीन से चार फीट तक पानी जमा है। लोग पलायन करने को मजबूर हैं। यही हालात शहर की निचली कॉलोनियों की है। निचली कॉलोनियों में तीन से चार फीट पानी भरा हुआ है।
जिले रविवार रात को बारिश से राहत रही, लेकिन सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुई बारिश देर शाम तक जारी रही। शनिवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक रिकाॅर्ड तोड़ 345 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि रविवार से सोमवार सुबह आठ बजे तक जिले में औसतन 96 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार रात से सोमवार सुबह तक बारिश न होने से राहत रही, लेकिन 11 बजे से देर शाम तक लगातार बारिश जारी रही।
इस दौरान जिले में पांच घंटे के भीतर 61 एमएम बारिश एमएम बारिश दर्ज की गई। 32 घंटे में 157 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश शहर में हुई। लगातार बारिश के कारण शहर की लगभग सभी क्षेत्रों में जलभराव हुआ। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शहर की निचली कॉलोनियों में तीन से चार फीट पानी भरा हुआ है।
घरों में पानी घुसने से लोगों को घरेलू सामान बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। पुराना हमीदा, लाजपात नगर, विजय कॉलोनी, कांसापुर, ससौली, अमरपुरी, गोल्डनपुरी, दशमेश कॉलोनी, आजादनगर, चौधरी कॉलोनी, प्रह्लादपुरी, पातालपुरी, गधौली, दड़वा, दुर्गा गार्डन, दर्शननगर, मटका चौक, रेलवे बाजार, सिविल लाइन, गौरी शंकर मंदिर, जड़ौदा, जड़ौदी, सरस्वती कॉलोनी, बुडिया गेट, पटरी मोहल्ला सहित कई कॉलोनियों में बुरा हाल है। इस दौरान लोगों को अपना सामान पहली से दूसरी मंजिल पर शिफ्ट करना पड़ा। जबकि एक मंजिल वाले घरों में रहने वाले लोगों को अपना सामान परिचितों व अन्य स्थानों पर रखना पड़ा।
बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 डिग्री तक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री तक पहुंच गया। जिससे देर रात व अलसुबह हल्की ठंड का एहसास हुआ। वहीं भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों के दिनचर्या के काम प्रभावित रहे।
बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों राजकीय व निजी स्कूलों में पानी भर गया। प्रशासन की ओर से दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जबकि सबसे ज्यादा परेशानी नौकरी पेशा लोगों को हुई। सड़क पर पानी भरने के कारण वाहन बीच रास्ते बंद हो गए। जिससे कारण लोगों को पैदल वाहन खींचने पड़े।
बारिश के कारण दुकानदारी बिल्कुल ठप रही। लोगों को सब्जी, दूध इत्यादि दैनिक वस्तुओं के लिए परेशान होना पड़ा। दूसरे दिन भी जगाधरी के तमाम बाजारों में पानी भरने से दुकानें बंद रही। इस दौरान कई दुकानों में पानी घुस गया। दूसरी तरफ बारिश के कारण दैनिक वेतनभोगी लोगों को चिंता सताने लगी है। दिन तीन से काम न होने के कारण लोगों के सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। औद्योेगिक क्षेत्रों में पानी भरने के कारण ईकाइयों में काम बंद है। जिस कारण श्रमिक को दिहाड़ी नहीं मिली। इस दौरान करीब 50 हजार से ज्यादा दैनिक वेतनभोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कृषि उप निदेशक प्रदीप मिल ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार दो दिन भारी बारिश की संभावना है। जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है।
जिले में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। बारिश से शहर की निचली सहित पॉश इलाके भी जलमग्न हो गए। इस दौरान सड़क नहरों सी दिखाई दी। नालों, नालियां, सीवरेज ओवरफ्लो हो गए। नालों का पानी कॉलोनियों में घुस गया। जबकि सीवरेज घरों में बैक मारने से गंदगी फैल गई। वहीं बारिश ने शहर की सड़कों का दम निकाल दिया। सड़कें गड्ढ़ों में बदल गई हैं। निर्माणाधीन सड़कों पर पानी भरने से स्थिति और ज्याद खराब हो गई है। घंटों तेज बारिश के कारण घरों में पानी भरा रहा और इसी के बीच रहने को मजबूर रहे।
सोमवार को पांच घंटे में शहर में सबसे ज्यादा बारिश हुई। इस दौरान मात्र पांच घंटे में 60 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार से सोमवार शाम चार बजे तक जगाधरी यमुनानगर शहर में 190 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर में हुई। यहां पर 282 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं सोमवार सुबह आठ तक 197 एमएम और इसके बाद शाम चार बजे तक 85 बारिश हुई। इसके अलावा बिलासपुर में 148 एमएम, रादौर में सबसे कम 41 एमएम, छछरौली में 148 एमएम, सरस्वतीनगर में 116 एमएम, साढौरा में 175 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं शाम चार बजे के बाद भी देर रात तक बारिश जारी रही।
विश्वकर्मा चौक पर स्लम बस्ती में घुसा पानी व डूब झोपड़ियां।
विश्वकर्मा चौक पर स्लम बस्ती में घुसा पानी व डूब झोपड़ियां।