संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बुलंद हौसले और परिवार के सहयोग से महिलाएं न केवल अपनी पहचान बना सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं। इसकी मिसाल गांव धानूपुरा की पूनम हैं, जिन्होंने स्वरोजगार अपनाकर न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि कई अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया है।
साल 2019 में धानूपुरा में पूनम ने अपने सफर की शुरुआत की। उस समय वह एक साधारण गृहिणी थीं और आंगनबाड़ी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती थीं। आज वह समूह की प्रधान हैं। समूह में सचिव नीरू, खजांची सिमरन के अलावा दीपा, रजनी, सोनिया, मुमताज, रीटा, रूचि और सुनीता सहित कुल 10 महिलाएं मिलकर विभिन्न स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
पूनम आम, नींबू, मिर्च, लहसुन, टींड, कटहल और डयू सहित कई प्रकार के अचार तैयार करती हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा बनाए गए आंवला और बेल के मुरब्बे की भी अच्छी मांग है। वह अन्य महिलाओं को अचार और खाद्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी देती हैं, ताकि वे भी स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। इसके अलावा गांव चमरौड़ी में वह फास्टफूड की दुकान चला रही हैं।