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रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत, विभाग ने 600 की डिमांड भेजी

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यमुनानगर। कोरोना संक्रमण घातक हो चला है। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में प्रयोग होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत हो गई है। हैरानी की बात है कि पिछले कुछ दिन पहले 13.50 लाख की आबादी के लिए बस 50 ही इंजेक्शन मंगवाए गए थे। जो कि छह संक्रमित मरीजों को लगा दिए गए। गत वर्ष में रेमडेसिविर का एक भी इंजेक्शन नहीं मंगवाया गया था, लेकिन मार्च 2021 में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चली और मरीजों की प्रतिदिन मौत होती देखकर मात्र 50 इंजेक्शन ही मंगवाए गए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने 500 से 700 रेमडेसिविर के इंजेक्शन की शासन को डिमांड भेजी है, लेकिन प्रदेशभर में इंजेक्शन की किल्लत के कारण बड़ी परेशानी हो सकती है।
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नहीं आ रही सप्लाई
ड्रग एसोसिएशन के प्रधान मंजीत शर्मा ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी काफी डिमांड आ रही है, लेकिन कंपनियां इंजेक्शन की सप्लाई नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि वैसे कुछ ही निजी मेडिकल स्टोर पहले से यह इंजेक्शन बेच रहे थे, लेकिन अब इसकी किल्लत आ गई है। निजी अस्पतालों में भी इंजेक्शन समाप्त हो गया है, जिसके चलते कुछ लोग ब्लैक भी करने लगे हैं, हालांकि अभी तक इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।
बाजार में नहीं हैं इंजेक्शन
-रेमडेसिविर इंजेक्शन उन कोरोना संक्रमित मरीजों को लगाया जाता है, जिनमें संक्रमण के कम लक्षण होते हैं। इसका उपयोग लेवल-2 और लेवल-3 अस्पतालों में भर्ती संक्रमित मरीज के इलाज में किया जाता है। कोरोना की दूसरी वेव आने के बाद से बाजारों में भी इंजेक्शन की किल्लत हो गई है। फुटकर दवा व्यापारी ने बताया कि कंपनी से ही दवाई की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इंजेक्शन महंगा होने के बाद भी असरदार होने की वजह से चिकित्सक भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
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मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण जीता था संक्रमण
-पिछले साल जिला अस्पताल में एक भी रेमडेसिविर का इंजेक्शन नहीं मंगवाया गया था। लोगों ने अपनी मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण कोरोना संक्रमण को जिले में हराया था। लेकिन मार्च माह से जिले में कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक हो चली है। जिस कारण प्रतिदिन संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमरा गई है। अफसरों को समझ नहीं आ रहा है कि किस प्रकार कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाई जाए।
-रेमडेसिविर के इंजेक्शन की शॉर्टेज चल रही है। सभी चिकित्सकों को सलाह दी जा ही है कि वे जरूरत पड़ने पर ही इसे प्रयोग करें। फिलहाल इंजेक्शन की डिमांड भेज दी गई है।
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-डॉ. विजय दहिया, सीएमओ
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