शनिवार को दुकानें बंद करवाने को लेकर बिलासपुर में पुलिस और दुकानदारों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दुकानदारों को खदेड़ा। पुलिस की सख्ती से दुकानदारों का गुस्सा बढ़ गया और वे एकत्र होकर थाने के बाहर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। शिव चौक व मेन बाजार के दुकानदारों का आरोप था कि पुलिस ने बिना वजह से लाठियां चलानी शुरू कर दी। जबकि उनका कोई कसूर नहीं था। पहले भी शांति से वे लोग सरकार और जिला प्रशासन के आदेशों को मानते रहे हैं। बाद में शहर के संभ्रांत लोगों व पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत हुई और स्थिति स्पष्ट कर मामले को ठंडा करवाया। जिसके बाद दुकानदार शांत हुए।
दुकानदार अश्वनी मंगला, दामोदर गुप्ता, रिंकु मेहंदीरत्ता आदि ने बताया कि पुलिस ने बिना सोचे समझे बाजार में खड़े दुकानदारों पर लाठियां चलाना शुरू कर दिया जो सरासर गलत है। पहले मुनादी करा कर दुकानदारों को समझाया जाता कि कौन सी दुकानें खोलनी हैं, कौन सी नहीं। पुलिस ने शिव चौक पर सब्जी की दुकान वाले दुकानदारों यहां तक की बुजुर्ग लोगों पर भी लाठियां बरसाई। सब्जी, हलवाई व नाई तक की दुकानों को बंद करवा दिया। जिससे कस्बे के दुकानदार भड़क गए और पुलिस के खिलाफ रोष प्रकट कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने काफी ज्यादती की है।
डीसी की तरफ से आदेश था कि रविवार और सोमवार को दुकानें बंद की जाएं, लेकिन शुक्रवार शाम को सरकार की तरफ से शनिवार व रविवार को दुकानें बंद करने का ऐलान किया गया। जिसके बारे में उन्हें लिखित में कोई आदेश नहीं मिला और वे रविवार और सोमवार को दुकानें बंद करने का आदेश मानते हुए शनिवार को दुकान खोल रहे थे। इसी दौरान काफी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। जिन्होंने दुकानें बंद करवानी शुरू कर दी। दुकानदारों का ये भी कहना था कि दो दिन दुकानें बंद करनी है। शनिवार को दुकानदार सुबह करीब 9 बजे बाजार में पहुंच गए और कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी खोल ली। दुकानदार यह नही समझ पा रहे थे कि आज डी.सी साहब के आदेश से दुकानें खुली रहेंगी या फिर गृह मंत्री के।
बिलासपुर थाने के एसआई बलबीर सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोग झूठी पोस्ट डालकर लोगों व दुकानदारों को भ्रमित करने का काम करते है। शुक्रवार को भी सात बजे जब दुकाने बंद नहीं हुई तो साढ़े सात बजे बाजार में पीसीआर भेज कर दुकानों को बंद करवाया गया। लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा।