फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: बड़ी खरीदारी में नकद मांग रहे दुकानदार

Sat, 10 Oct 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
राहुल शर्मा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


यमुनानगर। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच अब लोग जेब में नकदी रखने की आदत दोबारा डालने लगे हैं। खासकर बड़ी खरीदारी और अधिक राशि के भुगतान के लिए लोग नकद रुपये लेकर चलने लगे हैं। वहीं, छोटे-छोटे भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल जारी है।
दुकानदार भी कम राशि के डिजिटल भुगतान से परहेज नहीं कर रहे, लेकिन बड़ी रकम के लेनदेन में नकदी की मांग बढ़ने लगी है। शादी सीजन शुरू होने से पहले लोग खरीदारी और अन्य खर्चों के लिए अपनी जेब का हिसाब लगाने में जुट गए हैं। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के छोटे खर्चों के लिए यूपीआई सुविधाजनक है।
विज्ञापन

बड़ी रकम का भुगतान करते समय नकदी साथ रखना जरूरी हो गया है। कपड़े, घरेलू सामान और अन्य महंगे उत्पाद खरीदने के दौरान कई दुकानदार नकद भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में लोग डिजिटल भुगतान के साथ जेब में नकदी भी रखने लगे हैं।
लोगों के अनुसार, दो हजार रुपये तक के भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल आसानी से हो जाता है। इससे अधिक राशि का भुगतान करने के लिए कई बार नकदी की जरूरत पड़ती है। शादी समारोहों में कपड़ों, उपहारों और अन्य सामान की खरीदारी के दौरान भी नकदी काम आती है। इसी को देखते हुए लोग पहले से तैयारी करने लगे हैं।

जेब में नकदी रखना भी जरूरी
राहुल शर्मा ने बताया कि छोटी खरीदारी के लिए यूपीआई सबसे सुविधाजनक है। चाय, नाश्ते और रोजमर्रा के सामान का भुगतान मोबाइल से हो जाता है। हालांकि, बड़ी खरीदारी के लिए अब जेब में नकदी रखना भी जरूरी लगता है।

बडी रकम का भुगतान आसान नहीं
मुकेश कुमार ने कहा कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है, लेकिन हर जगह बड़ी रकम का भुगतान यूपीआई से करना आसान नहीं होता। इसलिए बाजार जाते समय कुछ नकदी साथ रखना बेहतर रहता है।
विज्ञापन


त्योहारी सीजन में बढ़ेगा लेनदेन
चोपड़ा गार्डन के बलजीत सिंह का कहना है कि शादी सीजन में कपड़ों, उपहारों और दूसरे जरूरी सामान पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में खरीदारी के लिए पहले से नकदी का इंतजाम करना पड़ता है। केवल मोबाइल भुगतान पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

राहुल शर्मा।

राहुल शर्मा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें