संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मॉडल टाउन में जिम से निकलते समय ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह उर्फ जैदी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। हत्याकांड में शामिल आरोपियों को आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाने के आरोप में पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बाइक सवार शूटर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
तीन सितंबर को हुई इस वारदात में हमलावरों ने हरभजन सिंह पर गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने हरभजन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनकी गाड़ी में ट्रैकिंग चिप लगवाई थी। इसके जरिये उनकी आवाजाही की जानकारी जुटाई जा रही थी।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले से योजना बनाई थी। पुलिस ने मामले में कुरुक्षेत्र निवासी आर्यन और राकेश को छप्पर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैरों में गोली लगी थी। पुलिस के अनुसार दोनों की भूमिका हत्याकांड में हथियार उपलब्ध करवाने और तकनीकी सहायता से जुड़ी थी।
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल उपलब्ध करवाने और अन्य सहायता देने के आरोप में भी गिरफ्तारियां की गई हैं। सीआईए 2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जल्द ही शूटरों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
विदेश के नेटवर्क की भी जांच
हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर शुभम पंडित ने ली थी। शुभम पंडित और गैंग से जुड़ा गर्विश नंदा विदेश में बताए जा रहे हैं। पुलिस दोनों के नेटवर्क और हत्याकांड से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं मददगारों से पूछताछ के बावजूद दोनों बाइक सवार शूटरों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।