संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिन तीन शहरी सड़कों की डेढ़ साल से सुंदरीकरण की योजना है, उन पर शहर के लोग गड्ढों के झटके झेलने पर मजबूर हैं। योजना कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि नगर निगम अफसरों की ओर से दिव्य नगर योजना में यह काम सिरे चढ़ाने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले ई-निविदा प्रक्रिया शुरू भी की गई, पर इसके आगे काम नहीं हो पाया।
हालात यह हैं कि सुंदरीकरण के लिए चिह्नित तीनों सड़कों में गोबिंदपुरी रोड के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, जिस पर गड्ढों का आकार बढ़ता जा रहा है, जिससे यहां से आने-जाने में वाहन चालक झटके झेलने पड़ रहे हैं। यह स्थिति देख निवर्तमान पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से दिव्य नगर योजना के तहत 7.19 करोड़ रुपयेसे शहर के तीन मुख्य मार्गाें का सुंदरीकरण किया जाना है। इनमें 2.25 करोड़ रुपये की लागत से जिमखाना क्लब रोड, 3.78 करोड़ रुपये से शहीद भगत सिंह चौक से महाराणा प्रताप चौक तक वर्कशॉप रोड व 81 लाख रुपये से मधु चौक से कन्हैया साहिब चौक तक गोबिंदपुरी रोड को सुंदर बनाया जाएगा।
यहां डेकोरेटिव लाइट लगाए जाएंगे। पैदल राहगीरों के लिए फुटपाथ बनेंगे। फुटपाथ पर जगह-जगह वाहन पार्किंग व राहगीरों के बैठने को बेंच रखे जाएंगे। तीनों मार्गों के डिवाइडर सुंदर बनाने के लिए यहां पेड़ की ट्रीमिंग की जाएगी। डेढ़ साल से योजना पर कागजों में काम चल रहा है, पर धरातल पर नहीं हो पाया है।
सुंदरीकरण के लिए चिह्नित गोबिंदपुरी रोड डेढ़ साल पहले ही 80 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई थी। मॉडल टाउन व प्रोफेसर कॉलोनी के बीच से निकल रही यह रोड पुराने एनएच-73 व रेलवे रोड को जोड़ती है। लेकिन मौजूदा समय में हालात यह हैं कि रोड पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं तो कहीं रोड से निकली बजरी बिखर गई है।
इतने कम समय में रोड की दशा कैसे बिगड़ी, इस पर जांच के बजाय नगर निगम की ओर से इसी रोड के सुंदरीकरण पर 81 लाख रुपये खर्च खर्च किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज व विनोद मरवाह ने कहा कि रोड की हालत सुधारने के बजाय सुंदरीकरण पर 81 लाख रुपये खर्च करना सरकारी धन की बर्बादी है।
सुंदरीकरण के लिए चिह्नित जिमखाना क्लब रोड की हालत कुछ ठीक है, पर जगाधरी वर्कशॉप रोड पर भी कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इसलिए वर्कशॉप व गोबिंदपुरी रोड पर सुंदरीकरण से पहले मरम्मत का कार्य कराया जाना चाहिए।
सड़कों पर गड्ढे के लिए मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इसके लिए इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों को दिशा निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।