यमुनानगर। बैसाखी यानि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है। खरमास समाप्त होने के बाद वैवाहिक सहित सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। वहीं अगले दिन से ही यानि 15 अप्रैल से विवाह के लिए शुभ मुहूर्त भी शुरू हो रहे हैं। यह मुहूर्त जुलाई माह तक रहेंगे। अप्रैल से जुलाई तक कुल 34 दिन शहनाई बजेगी। वहीं अप्रैल माह के 15 दिन में कुल सात दिन मुहूर्त हैं, यानि हर दूसरे दिन शहनाई सुनाई देगी। इसके अलावा मई में कुल 13 दिन, जून में नौ और जुलाई में कुल छह मुहूर्त हैं।
यह मुहूर्त शुभकारी व मंगलीय है। इस कारण इन दिनों शादी करने की ज्यादा होड़ है। कोरोना संक्रमण के दौरान दो साल अधिकांश लोगों ने न चाहते हुए भी शादी समारोह साधारण तौर पर करवाए। अब सरकार ने पाबंदियां हटा दी हैं। जिसके बाद इन दिनों में लोगों ने बड़े समारोह की योजना बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। भारतीय सनातन परंपरा में विवाह के शुभ मुहूर्त 15 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। इन दिनों घरों से लेकर बैंकेट हॉल, मंदिर-मठों, धर्मशालों में वैवाहिक मांगलिक गीत सुनाई देंगे। ऐसे में जिन घरों में विवाह है, वहां इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। विवाह के यह शुभ मुहूर्त 19 जुलाई तक जारी रहेंगे।
चार महीने में विवाह के लिए अंतिम तिथि 19 जुलाई रहेगी। बूड़िया निवासी पंडित ललित शर्मा एवं ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि 19 जुलाई के बाद से सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद सृष्टि पालक भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीर सागर में विश्राम के लिए चले जाते हैं। इस काल को चतुर्मास कहा जाता है। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है। नवंबर माह में देवउठनी यानि प्रबोधिनी एकादशी के बादफिर से लग्न उत्सव प्रारंभ हो जाएंगे।
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यह रहेंगे विवाह के शुभ मुहूर्त
महीना तिथि
अप्रैल 15, 19, 20, 21, 22, 23, 28
मई 2, 3, 9, 10, 11, 12, 13, 17, 18, 20, 25, 26, 31
जून 6, 8, 12, 13, 14, 15, 16, 21, 22
जुलाई 1, 3, 5, 6, 7 और 8