संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में सीवरेज की समस्या से परेशान लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब 42 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इसके तहत कई साल से बंद पड़ी सीवरेज लाइनों को दोबारा चालू किया जाएगा। साथ ही नई लाइनें बिछाई जाएंगी। विभाग ने एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा है।
विभाग की ओर से शहर में ऐसी सीवरेज लाइनों की पहचान की गई है, जो लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इन लाइनों के बंद होने के कारण सीवरेज का पूरा दबाव चालू लाइनों पर पड़ रहा है। इससे सीवरेज लाइन बार-बार ओवरफ्लो हो जाती है।
शहर में सीवरेज व्यवस्था लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। जगह-जगह सीवरेज जाम होने, मैनहोल से गंदा पानी निकलने और सड़कों पर सीवरेज का पानी जमा होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम में आने वाली शिकायतों में से करीब हर तीसरी शिकायत सीवरेज से संबंधित होती है।
जनस्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जहां सीवरेज लाइनों पर अधिक लोड है, वहां पानी को दूसरी उपलब्ध लाइनों से जोड़कर डायवर्ट किया जाएगा। इससे एक ही लाइन पर अधिक मात्रा में सीवरेज का पानी जाने की समस्या कम होगी। अधिकारियों का मानना है कि नेटवर्क को आपस में जोड़ने और बंद लाइनों को उपयोग में लाने से ओवरफ्लो की समस्या में काफी कमी आएगी।
जरूरत वाले क्षेत्रों में नई लाइन बिछेगी
योजना में केवल पुरानी सीवरेज लाइनों को चालू करने का काम ही शामिल नहीं है। जिन क्षेत्रों में अभी तक सीवरेज नेटवर्क नहीं पहुंचा है, वहां नई पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। विभाग ने ऐसे क्षेत्रों को भी चिह्नित किया है। करीब 42 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में इन सभी कार्यों को शामिल किया गया है।
शहर में बंद पड़ी सीवरेज लाइनों को चिह्नित किया गया है। योजना के तहत पुरानी लाइनों को चालू करने के साथ जरूरत वाले क्षेत्रों में नई लाइनें भी डाली जाएंगी। - दिनेश गाबा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग यमुनानगर