यमुनानगर। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि मानव सही मायनों में तभी मानव बनता है, अगर वह हर भेदभाव से ऊपर उठकर सब में परमात्मा का रूप देखकर निष्काम भाव से सबकी सेवा करे। ये प्रवचन उन्होंने हरिजन सेवक संघ की ओर से आयोजित 92 वें स्थापना दिवस पर सद्भावना सम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस दौरान हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर शंकर कुमार सान्याल व उप-प्रधान नरेश यादव ने सतगुरु माता एवं निरंकारी राजपिता रमित का अंगवस्त्र और सूती दुपट्टा पहनाकर स्वागत व सम्मान किया। इसके अलावा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ओर से स्थापित इस धरोहर के स्थापना दिवस पर उन्हीं की प्रेरणा का संकेत एक चरखे का लघु स्मृति चिह्न भी सेवक संघ की ओर से सतगुरु माता को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर संत निरंकारी मिशन ब्रांच यमुनानगर संयाेजक बलदेव सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में जहां हरिजन सेवक संघ के छात्रों ने स्वागत गीत व सरस्वती वंदना का गायन किया, वहीं निरंकारी इंस्टिट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट (नीमा) के बच्चों की ओर से महात्मा गांधी के प्रिय भजन, वैष्णव जन के अतिरिक्त अन्य भक्ति गीतों का गायन किया। कार्यक्रम के अंत में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और उन्हें 16, 17 व 18 नवंबर को समालखा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित होने वाले 77वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के लिए भी आमंत्रित किया।