संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एनआरआई राकेश कपूर की मॉडल टाउन स्थित करोड़ों रुपये की प्रापर्टी बेचने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी एसडीएम कार्यालय के कर्मी राममेहर का पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। जहां उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया।
एनआरआई की प्रॉपर्टी बेचने के मामले में आरोपी राममेहर के हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये की हिस्सेदारी आई थी। इसके अलावा आरोपी ने उर्दू अनुवादक इस्लाम, प्रॉपर्टी डीलर अश्विनी व करनैल के साथ मिलकर प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। आरोपियों ने नगर निगम से प्रॉपर्टी आईडी बनवाई। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों पर उसकी रजिस्ट्री बनवाई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी राममेहर व प्रॉपर्टी डीलर अश्विनी ने जिला न्यायालय व उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
याचिका खारिज होने पर दोनों गिरफ्तारी से बचने को सहारनपुर, चंडीगढ़, अंबाला व भिवानी में छिपे हुए थे। आरोपी राममेहर को भिवानी से काबू किया गया। रिमांड के दौरान आरोपी से रुपयों की रिकवरी और अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। रिमांड के दौरान आरोपी से इस खेल में शामिल नगर निगम, तहसील व एसडीएम कार्यालय के कर्मियों व अधिकारियों के भी नाम खुलने की उम्मीद है। क्योंकि यह पूरा फर्जीवाड़ा नगर निगम व तहसील के माध्यम से हुआ।
नगर निगम से प्रॉपर्टी की फर्जी आईडी तैयार की गई। जबकि तहसील से इसकी रजिस्ट्री कराई गई। प्रॉपर्टी आईडी बदलने से लेकर उसकी रजिस्ट्री कराने का कार्य एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व करनैल सिंह कराते थे। अश्विनी शहर में विवादित व खाली पड़ी जमीन, प्लाट व मकानों के बारे में उन्हें बताता था। इसके बाद ये दोनों ही नगर निगम व तहसील में सांठगांठ कराते थे। इसके साथ ही उनकी उर्दू अनुवादक इस्लाम से मिलीभगत रही। उर्दू अनुवादक इस्लाम तहसील में निजी कर्मी था। इसलिए उसे पूरे रिकॉर्ड की जानकारी होती थी। वह इन प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उसे बेचते थे।
छह आरोपी चढ़ चुके पुलिस के हत्थे
प्रॉपर्टी आईडी बदलकर किए गए इस फर्जीवाड़े में आर्थिक अपराध शाखा ने पहले ही प्रॉपर्टी डीलर अश्विनी, दिल्ली निवासी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम उर्फ इस्लामुद्दीन, उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार किया है। अब राममेहर को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में एसडीएम कार्यालय, नगर निगम व तहसील समेत कई अन्य आरोपियों के नाम भी निकलकर सामने आ सकते है।