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Yamuna Nagar News: ठीक से नहीं पढ़ाने वाले अध्यापकों की होगी स्क्रीनिंग, कार्रवाई भी संभव

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राजकीय स्कूलों में जो अध्यापक पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को ठीक से नहीं पढ़ा रहे अब उनकी खैर नहीं। शिक्षा विभाग काम न करने वाले अध्यापकों की छंटाई करेगा। इन अध्यापकों को पहले बच्चों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह रोजाना शैक्षणिक कार्य ठीक से करवा सकें। यदि फिर भी वह बच्चों को पढ़ाने के मामले में कोई सुधार नहीं करते तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। डीसी राहुल हुड्डा ने इस बारे शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को साफ-साफ शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर नरमी बिल्कुल भी नहीं बरती जाए। यदि अध्यापक ही बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे तो कौन पढ़ाएगा। वहीं डीसी ने यह भी कहा कि जो अध्यापक निपुण हरियाणा मिशन आधारभूत साक्षरता में बेहतर कार्य कर रहे हैं उन्हें सम्मानित किया जाएगा ताकि उनका हौसला बढ़ सके। दूसरे अध्यापक भी उनसे सीख ले सकें।
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राहुल हुड्डा ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पहली कक्षा से तीसरी कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को निपुण बनाने के लिए खेल विधि में शिक्षा प्रदान कराएं। बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सीखाया जाए ताकि जब वह अगली कक्षा में जाएं तो उन्हें पढ़ाई करने में किसी तरह की दिक्कत न हो। जो अध्यापक बेहतर कार्य करते है उनको सम्मानित किया जाए। राहुल हुड्डा शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्टीयरिंग समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

राहुल हुड्डा ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कार्यक्रम के अंंतर्गत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास करे। जिला स्कोर बोर्ड के सभी बिंदुुओं में सुधार होना चाहिए। यह प्रत्येक अध्यापक के लिए आवश्यक है कि वह कक्षा में तीन पासबुक को लागू कर उनको संस्थाओं के अनुसार पूरा करें। जो अध्यापक समय पर अपना काम नहीं करता उसकी रिपोर्ट भेजें। सभी अध्यापक विद्यार्थियों का साप्ताहिक आंकलन अवश्य करे ताकि छात्रों की प्रगति की जांच की जा सके।
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पहली से तीसरी कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चें कक्षा में आनंद और रूचिपूर्ण पढ़े इसके लिए अध्यापकों द्वारा कक्षा के वातावरण को प्रिंट रिच बनाना अति आवश्यक है। इससे बच्चों को कक्षा कक्ष में पढ़ने का अच्छा माहौल मिलेगा। मिशन को सफल बनाने के लिए सभी एबीआरसी व बीआरसी महीने में चार विजिट अवश्य करे और अध्यापक को नवीन विधियों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर एडीसी आयुष सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह, डीईओ विनोद शर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी, कैलाश कुमारी उपस्थित रहे।
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