नए शिक्षा सत्र के करीब तीन माह बाद शुक्रवार को स्कूल खुल रहे हैं। इसके तहत स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है, हालांकि अधिकतर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। उनका तर्क है कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है और तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने का जोखिम भरा होगा।
शिक्षा विभाग के मुताबिक स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही सभी बच्चों और शिक्षकों का मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। एक ओर जहां स्कूल कोरोना गाइडलाइन की व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिये गये हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से भी स्कूलों में व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट तलब की गई है। अभिभावकों से भी बच्चों को खांसी, जुकाम, बुखार होने पर स्कूल नहीं भेजने की अपील की गई है।
क्या कहते हैं अभिभावक
-जाटनगर निवासी आशीष वर्मा ने बताया कि उनकी दो बेटियों आराध्य व आशी हैं। सरकार ने बेशक स्कूल खोलने की घोषणा कर दी है, फिर भी वे अपने बच्चों को महामारी के खत्म होने पर ही भेजेंगे।
-शिव कॉलोनी निवासी साहिल आर्य ने बताया कि बेटा सत्यम आर्य और बेटी सांची आर्य के स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन वह अभी बच्चों को स्कूल भेजना पसंद नहीं करेंगे। कारण कि महामारी की तीसरी लहर का अंदेशा बना हुआ है।
- छात्र वैदिक के पिता सोनू गुलाटी ने बताया कि जब तक बच्चों को वैक्सीन नहीं लग जाती, तब तक वह स्कूल नहीं भेजेंगे। सरकार पहले बच्चों को वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था करे। उसके बाद स्कूल खोले।
-प्रदीप खुर्दबन ने बताया कि वह एक बेटी के पिता हैं। वह भी अपनी बेटी को अभी स्कूल नहीं भेजना चाहेंगे। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पढ़ाई आवश्यक है, लेकिन बच्चों को खतरे में नहीं डाला जा सकता है।
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बच्चों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण : शिक्षामंत्री
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। स्कूलों में शारीरिक दूरी, स्वच्छता, फेस मास्क और तापमान जैसी तमाम बातों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हम अभिभावकों पर कोई दबाव नहीं डालेंगे। उन्होंने कहा कि अब कोरोना संक्रमण के मामले न के बराबर हैं। हालात सामान्य हो रहे हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अभिभावक निश्चिंत होकर बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं।
वर्जन
- सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की कक्षा लगेगी। स्कूलों में सभी तरह की व्यवस्था जांचने के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये गये हैं। - नमिता कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी
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