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मनरेगा के नाम पर घोटाला, बिना काम करे रिकॉर्ड में दिखाई मजदूरी

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यमुनानगर। साढौरा के गांव कोटला में मनरेगा के नाम पर घोटाला सामने आया है। घोटाला साल 2018 से 2022 के बीच में हुए कार्य के दौरान हुआ है। मामला उजागर तब हुआ जब मनरेगा के तहत किए गए कार्य का रिकॉर्ड ऑनलाइन चढ़ा तो गांव के जिस व्यक्ति ने इसके तहत कार्य भी नहीं किया था, वह सूची में अपना नाम और राशि को देखकर हैरान हो गया। हालांकि मामले में घोटाला कितने का हुआ, अभी इसका पूरा आकलन नहीं हो पाया।
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उल्लेखनीय है कि इस मामले की परतें खुलने के बाद जिन लोगों ने मनरेगा के तहत काम नहीं किया और उनका काम करने वालों की सूची में नाम आया है। ऐसे लोगों ने शिकायत और एफिडेविट संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंप दी। एफिडेविट देने वाले लोगों ने मनरेगा विभाग में आकर अपने-अपने बयान भी दर्ज करवाए हैं। जिसके तहत अब मामले में जांच भी शुरू हो गई है। ऐसे में घोटाले में संलिप्त पाए जाने वालों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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केस-1
कोई मुझे तो बताए कहां की मैंने मजदूरी : सूबेद्दीन
कोटला के सूबेद्दीन ने बताया कि उसने एक दिन भी मनरेगा के तहत कोई मजदूरी नहीं की है। मैं तो खुद हैरान हूं, आखिर कोई मुझे तो बताएं मैंने कहां मजदूरी की है।
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केस-2
फर्जी खाते में डाल कर दिखाई मेरी मजदूरी : सतविंदर
कोटला के ही सतविंदर के मुताबिक मनरेगा के तहत एक दिन भी कार्य नहीं किया। फर्जी खाते में राशि डालकर मेरी मजदूरी दिखाई गई है। इसके लिए मैंने लोकपाल को शिकायत भी की और एफिडेविट भी देकर बयान दिए हैं।
केस-3
कोई कार्य नहीं किया, इसलिए दिया एफिडेविट : गुलजार
कोटला निवासी गुलजार ने बताया कि उसने मनरेगा के तहत कोई कार्य नहीं दिया है। इसकी शिकायत उसने मनरेगा विभाग में की है और इसका एफिडेविट भी दिया है। फर्जी खाते में राशि दिखाकर गुमराह किया जा रहा है।
केस-4
फर्जी राशि डालकर निकलवाने को कहा : यशपाल
यशपाल का कहना है उसने मनरेगा के तहत कोई कार्य नहीं किया है। उसके खाते में मिलीभगत कर फर्जी राशि डालकर उसे निकलवाकर वापस देने के बारे में कहा गया था। वो तो बाद में पता चला यह राशि मनरेगा की थी, जोकि फर्जी थी। इसका उसे बाद में पता चला।
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इस तरह से दिखाई गई राशि
नाम राशि
सतिंद्र 25956, 25956
सूबेद्दीन 15984, 30900,17640
यशपाल 159040, 12978
नसीब 15904, 1630
गुलजार 11082, 21300
राजन 3601, 3934, 22720
सूरजभान 17892, 12978
महबूब 7202, 281100, 27264, 30900, 6615
मामूद्दीन 3878, 17703, 19880
कमल हसन 27538, 27264, 38900, 26775
आलमगीर 27832, 30900, 31500
सुशील 7668, 4326
बॉक्स
लॉकडाउन में था काम बंद, फिर दिखाई राशि
गांव कोटला के और भी बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्होंने मनरेगा के तहत कार्य नहीं किया गया। हैरत की बात है लॉकडाउन के दिनों में जहां घर से बाहर निकलने पर पाबंदी तक थी, और उन्हीं दिनों में राशि लोगों के खातों में दिखाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है उनके खाते में राशि डालकर उनसे दोबारा से ले ली गई थी, जबकि इसका उन्होंने विरोध भी किया था।
बॉक्स
मनरेगा के नियम क्या है
इस अधिनियम के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक परिवार को 100 दिन का रोजगार प्रदान करना है। आवेदन किए जाने पर 15 दिन के अंदर रोजगार प्रदान करना है। यदि आवेदक को 15 दिन के अंदर रोजगार नहीं प्राप्त होता है तो सरकार के द्वारा उसे बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाता है।
वर्जन
मेरे पास मामले की शिकायतें आई है अभी तक तीन ही लोगों ने एफिडेविट और बयान देकर आरोप लगाया है कि उन्होंने मनरेगा के तहत कोई मजदूरी नहीं की। अगर उनके पास और भी शिकायतें आई तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच चल रही है।
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-सूबे सिंह, लोकपाल, मनरेगा यमुनानगर।
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