कुछ देर बाद ही सुखविंद्र, उसका दामाद मुंसिबल सरपंच हरिंद्र पाल सिंह व साले का लड़का मंधार निवासी कर्णजीत भी मौके पर पहुंच गया। जब रशपाल व सुखविंद्र बातचीत कर रहे थे तो उसी समय एक एक्टिवा पर गांव का भगत सिंह व उसका पोता वीरेंद्र सिंह व दूसरी बाइक पर सुखविंद्र उर्फ सुखी वहां आ गए। आते ही उन्होंने रशपाल से बहस करना शुरू कर दिया।
इतने में सुखविंद्र उर्फ सुखी ने रशपाल पर रिवाल्वर से एक के बाद एक नौ फायर किये। जिसमें से आठ गोलियां रशपाल की छाती, पेट व अन्य जगह लगी। गोली लगने के बाद लहूलुहान हालत में रशपाल जमीन पर गिर गया। उसके बाद पांचों आरोपी मौके से फरार हो गये। बाल छप्पर गांव में दिनदहाड़े हुई फायरिंग से लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बारे में पता लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
डेढ़ साल पहले भी किया था फायर
सरपंच पति रशपाल की हत्या करने की रंजिश एक या दो दिन पहले की नहीं है। आरोपी कई सालों से उसके खिलाफ रंजिश पाले हुए थे। बताया जा रहा है कि कई साल पहले आरोपियों का पंचायती जमीन पर कब्जा था। जिसे सरपंच पति ने हटवाया था। तभी से आरोपी अपने मन में उनके खिलाफ रंजिश पाले हुए थे। करीब डेढ साल पहले भी आरोपियों ने उन पर फायरिंग की थी लेकिन तब वे बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद भी आरोपियों ने उन पर हमला किया। लेकिन तब दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए।
सरपंच पति रशपाल की हत्या की वारदात शाम तक पूरे क्षेत्र में फैल गई। लोगों ने इस घटना की निंदा की है। मृतक रशपाल गुरुद्वारा लोहगढ़ साहिब कमेटी में सदस्य भी थे। उनकी हत्या से जहां सिख संगठनों में रोष है, वहीं उन्होंने इस वारदात की निंदा भी की है। उन्होंने जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर गिरफ्तार करने की मांग की है।
बाल छप्पर में हुई हत्या की वारदात के बाद पुलिस मौके पर गई थी। मौके से गोलियों के खोल बरामद किए गए है। परिजनों की शिकायत पर आरोपी सुखविंद्र सिंह, भगत सिंह, वीरेंद्र सिंह व दो अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। हत्या की वजह पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने का विवाद सामने आया है। मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - सतपाल सिंह एसएचओ, थाना छप्पर।