संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गांव कोट मुश्तरका में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान लोगों की टीबी संबंधी जांच की गई और संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। शिविर में 30 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि गांव कोट मुस्तफा में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शिविर लगाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में छिपी टीबी के मरीजों को सामने लाना है ताकि टीबी की बीमारी जड़ से खत्म की जा सके। डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र के हर गांव में शिविर लगाया जाएगा।
जहां भी टीबी के मरीज ज्यादा मिलते हैं, वहां लोगों के बीच संक्रमण ज्यादा फैलता है। टीबी जड़ से खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। गांव कोट में शिविर के दौरान टीम ने 1600 लोगों की स्क्रीनिंग की। आशा वर्कर ने घर-घर जाकर टीबी मरीजों की जांच कर शिविर में बुलाकर उनका एक्स-रे करवाया। इस दौरान 39 लोगों के एक्स-रे किए गए।
इनमें से 30 व्यक्ति टीबी के संदिग्ध पाए गए। जिसके बाद टीम ने उनके बलगम का सैंपल लिया और वह जांच के लिए लैब भेज दिया है। डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि अगला शिविर गांव दौलतपुर में लगाया जाएगा। दौलतपुर के लोग शिविर में आकर टीबी जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि दौलतपुर में टीबी के कई मरीज हैं। शिविर में रेडियोग्राफर राजेंद्र कुमार, एसटीएस जसपाल, सुरेंद्र कुमार, एएनएम कविता, आशा वर्कर गुरमेलो, उषा व अन्य उपस्थित रहे।