संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के सेक्टर-17 निवासी संभव कांबोज अपनी शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के दम पर जिले के उभरते क्रिकेट सितारे के रूप में पहचान बना रहे हैं। अगस्त में वे अपनी टीम के साथ पंजाब के मोगा में होने वाली आईसीएससीई के रिजनल टूर्नामेंट में प्रतिभा दिखाएंगे।
महज साढ़े 16 वर्ष की उम्र में संभव ने क्रिकेट जगत में ऐसी छाप छोड़ी है कि अब वह अंडर-19 टीम की कप्तानी कर रहे हैं। संभव को बचपन से ही क्रिकेट का जुनून था। आठ वर्ष की आयु में उन्होंने गली और स्कूल में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआत में वह अपने स्तर पर ही अभ्यास करते रहे, लेकिन 13 वर्ष की आयु में उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
उनकी प्रतिभा को निखारने में कोच पूनम भंडारी की अहम भूमिका रही। मात्र तीन वर्षों के प्रशिक्षण में संभव ने अपनी तकनीक, अनुशासन और आक्रामक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑलराउंडर संभव कांबोज कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
वह हरियाणा स्कूल गेम्स में चार बार भाग ले चुके हैं और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण व रजत पदक जीत चुके हैं। आईसीएससीई 2022-23 प्रतियोगिता में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। संभव ने आईसीएससीई रीजनल प्रतियोगिता में टीम की कप्तानी करते हुए टीम को प्रथम स्थान दिलाया। सांसद गेम्स में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
इसके अलावा वह जिला क्रिकेट बोर्ड की टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें कई बार मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। संभव ने बताया कि खेलने के लिए उनकी मां की प्रेरणा और संघर्ष निहित है। उन्होंने खेलने के लिए प्रेरित किया और वे अपना मार्गदर्शन भी उन्हें निरंतर दे रही हैं। संभव ने बताया कि उनका सपना भारतीय टीम के लिए खेलना है।
कोच पूनम भंडारी ने बताया कि संभव का अनुशासन और लगन उसे अन्यों से अलग बनाती है। उसने तीन वर्ष में शानदार उपलब्धि व खेल का प्रदर्शन किया है। आईसीएससीई रीजनल प्रतियोगिता में वह अपनी टीम को जीत दिलवा चुका है। इसके बाद अब सात अगस्त को पंजाब के मोगा में होने वाली आईसीएससीई रीजनल प्रतियोगिता में संभव एक बार फिर कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करेंगे।