संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की हालिया घटना ने देशभर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन जिले में हालात इससे अलग नजर नहीं आते। जिले में संचालित करीब 170 कोचिंग सेंटरों में से किसी के पास भी दमकल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। इसके बावजूद न तो दमकल विभाग और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।
ऐसे में हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय होती है जबकि दुर्घटना रोकने के लिए पहले से कदम उठाना कहीं अधिक जरूरी है। पिछले दिनों दिल्ली के एक होटल में आग लगने की घटना के बाद जिले में होटलों की जांच का अभियान जरूर चलाया गया, लेकिन वह भी महज औपचारिकता बनकर रह गया।
कुछ होटलों का निरीक्षण, फोटो खिंचवाकर रिपोर्ट भेजना और कार्रवाई पूरी मान लेना प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। अब लखनऊ की घटना के बाद उम्मीद थी कि कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच होगी, लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा।
हैरानी की बात यह है कि दमकल विभाग के अधिकारी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि जिले के किसी भी कोचिंग सेंटर ने फायर एनओसी प्राप्त नहीं की है। इसके बावजूद संस्थान धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं और हजारों छात्र प्रतिदिन वहां पहुंच रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश कोचिंग सेंटर छोटे और संकरे भवनों में संचालित हो रहे हैं।
कई संस्थानों में आने-जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी का प्रावधान है। किसी भी भवन में वैकल्पिक आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं मिली। आग लगने या भगदड़ जैसी स्थिति में ऐसे भवन छात्रों के लिए मौत का जाल साबित हो सकते हैं। कई कोचिंग सेंटरों में दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए मात्र ढाई फीट चौड़ी सीढ़ियां बनी हुई हैं।
ऐसे में आपात स्थिति के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का बाहर निकलना लगभग असंभव हो सकता है। भवनों की सीमित चौड़ाई के कारण फायर सेफ्टी मानकों का पालन भी नहीं हो पा रहा है। सवाल यह है कि जब दमकल विभाग को बिना एनओसी संचालित संस्थानों की जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी नहीं है। सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल होटलों की भी जांच चल रही है। जल्द ही कोचिंग सेंटरों में भी जांच की जाएगी। - पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी, यमुनानगर।