संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साधु-संत मंगलवार को एकादशी पर राजश्री स्नान करने मेला में पहुंचेंगे। विभिन्न स्थानों से आए साधु-संत बिलासपुर के श्री खेड़ा मंदिर से शोभायात्रा निकालते हुए कपालमोचन में पहुंचेंगे।
इसके लिए खेड़ा मंदिर पर हर साल श्री रामायण पाठ का आरंभ किया जाता है। इसी के साथ ही रामायण पाठ का समापन होगा। साधु, संत सबसे पहले अखंड ज्योति का कपालमोचन सरोवर के पवित्र जल से आचमन करते हैं। इसके बाद खुद स्नान करेंगे। इसके बाद ऋण मोचन व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करने जाएंगे।
भारतीय रक्षा संत समिति के राष्टीय अध्यक्ष राम स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि हर साल कपालमोचन में साधु षडदर्शन समाज की ओर से शाही निकाली जाती है। सभी साधु संत खेड़ा मंदिर बिलासपुर में पूजा अर्चना के अखंड ज्योति को प्रज्ज्वलित करके बैंड बाजों के साथ कपालमोचन लेकर जाते हैं। साधुओं के राजश्री स्नान से विधिवत रूप से स्नान शुरू हो जाता है। साधुओं का पंजाबी कुटिया में ठहराव रहेगा।
सभी सरोवरों पर तैनात की बोट
मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने बताया कि कपालमोचन तीर्थ में स्थित तीनों सरोवरों में कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई हैं, जो 24 घंटे बारी-बारी से अपनी ड्यूटी देंगे। कपाल मोचन सरोवर व ऋण मोचन सरोवर में आधुनिक उपकरणों सहित एक-एक बोट लगाई गई हैं। घाटों एवं पूरे मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बराबर रूप से चुस्त दुरूस्त रखने के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।