संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नौकरी बहाली के लिए लघु सचिवालय के सामने अनाजमंडी गेट पर तीन साल से धरना दे रहे पीटीआई अध्यापकों ने सोमवार को भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर आठ जून 2020 से 1983 पीटीआई अध्यापकों की नौकरी बहाली के किया जा रहा है। धरने का नेतृत्व यशवंत राणा पीटीआई ने किया।
इस दौरान यशवंत राणा के नेतृत्व में यमुनानगर के अध्यापक धरने पर बैठे। इस दौरान पीटीआई परनीश ने बताया कि अध्यापक निर्दोष होते हुए तीन साल से बेरोजगारी की पीड़ा झेल रहे हैं। सरकार की आपसी राजनैतिक द्वेष व दुर्भावना के चलते उन्हें नौकरी से निकाला गया है। यदि सरकार कोर्ट में उचित कार्रवाई व अध्यापकों के पेश में पैरवी करती तो उनके परिवार बर्बाद होने से बच सकते थे। सरकार ने कोर्ट में अध्यापकों के खिलाफ बयान देकर उनका रोजगार छीन लिया है। तीन साल से अध्यापक धरने पर बैठे हैं, जिसके चलते इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। अध्यापकों के परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
अध्यापक दूसरों के बच्चों को शिक्षा दे रहे थे और आज उनके बच्चे पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर हो गए हैं।यशवंत राणा ने कहा कि अधेड़ अध्यापकों के पास आय का अन्य कोई साधन नहीं है। इस आयु में उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिल रही है और न ही उनके पास इसके अतिरिक्त कोई अनुभव है। मुख्यमंत्री ने बड़ौदा उप चुनाव में छह अक्टूबर 2020 को पीटीआई अध्यापकों को फिर से विभाग में समायोजित करने का वादा किया था। लेकिन 20 महीने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया। इससे अध्यापकों में सरकार के प्रति भारी रोष है। इस दौरान संयोजक आरएस शर्मा, भूतपूर्व प्रधान अमी लाल, सतदेव, राजीव सहित अन्य उपस्थित रहे।