फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांटने के लिए समाजसेवी लेकर जा रहे थे सामान, जरूरतमंद रास्ते से ही उठा ले गए

विज्ञापन
सामान के टेंपो के साथ समाज सेवी - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
- मौके पर पहुंची पुलिस 50 प्रतिशत सामान ही दिलवा सकी वापस यमुनानगर। अभी लॉकडाउन को लागू हुए पांच दिन ही बीते हैं, लेकिन खाने के सामान को लेकर लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। जबकि जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी व कर्मचारी अपनी तरफ से हर संभव सहायता दे रहे है। ताकि शहर का कोई भी गरीब भूखा ना रह सके। सोमवार को एक ऐसा ही कुछ रेलवे स्टेशन के पास यमुना फाटक पर देखने का मिला। दोपहर दो बजे के करीब छोटे टैम्पू पर जा रहा राशन का सामान, बस्ती के करीब 100 से 150 लोग टैम्पू से उठाकर चलते बने। जिसकी सूचना टैम्पू चालक ने सामान के मालिकोंं को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से सामान वापस दिलवाया। सामान के मालिक संजीव वालिया, सादिक अली, सम्राट सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंंने 100 नंबर पर पुलिस का फोन किया। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास रह रहे लोगों के घरों से 50 प्रतिशत सामान वसूल किया। संजीव वालिया ने बताया कि वो पिछले चार दिनों से गरीबों व जरूरतमंदों को जरूरत का सामान उपलब्ध करवा रहे है। सोमवार को भी पांसरा के प्रवासी मजदूरों व गरीबों को देने के लिए उन्होंने रादौर रोड से 325 किलो चावल, 55 किलो आटा, 15 किलो दाल, 15 लीटर सरसों का तेल, साबून, सर्फ, नमक, मिर्च, हल्दी, 110 किलो आलू और 15 किलो प्याज इत्यादि खरीदा था। सामान छोटे टैम्पू में लदवाकर वो अपनी गाड़ी से पांसरा चले गए थे। छोटा टैम्पू चालक राजेश कुमार और उसका क्लीनर सामान लेकर यमुना गली से होते हुए पांसरा आ रहे थे। संजीव वालिया ने कहा कि वैसे तो ये सामान जरूरत मंदोंं को देने के लिए ही लिया गया था। अगर यहां के लोग एक बार बोल देते तो यह सारा सामान इनको ही दे दिया जाता, लेकिन इन्होंने जरूरत का सामान लेने के लिए गलत रास्ते को प्रयोग किया है। इसलिए उन्होंने मौके पर पुलिस का बुलाया। वर्जन यमुना फाटक पर सामान छीनने जैसा कोई मामला सामने नहीं आया। कुछ समाजसेवी जरूरतमंदों को सामान बांटने आए थे। कुछ लोगों ने जितना सामान हाथ लगा, उठा ले गए। लोगों से काफी सामान वापस करवा दिया गया है। लूट के संबंध में कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। - सुरेश कुमार, एसएचओ, थाना जीआरपी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें