यमुनानगर। वाहनों चालकों से अवैध वसूली मामले में यमुनानगर के आरटीए भी फंस गए हैं। इस संदर्भ में दर्ज हुई एफआईआर में कथित तीन एजेंटों के साथ-साथ उनका नाम भी शामिल है। हालांकि तीनों एजेंटों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है मगर आरटीए अभी गिरफ्त से बाहर है। उधर, आरटीए कार्यालय में भी एफआईआर दर्ज होने के बाद हड़कंप का माहौल बना हुआ है। उधर, एक अन्य दलाल भी पुलिस रिमांड पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस आरटीए की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास कर रही है। इस
मामले में विजिलेंस ने आठ अक्तूबर को आरटीए सुभाष समेत जगाधरी स्थित गांधी नगर निवासी नीरज गुलाटी, पंसारी बाजार के अंकित गर्ग व करनाल के संदीप के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
इस मामले में विजिलेंस की करनाल और पंचकूला की टीमों ने छापा मारकर नीरज गुलाटी, अंकित गर्ग व मानिक उर्फ लवली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने अमरपुरी कॉलोनी निवासी संदीप को गिरफ्तार किया जो कि अभी रिमांड पर है। उसका रिमांड शनिवार को पूरा होगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव रोटन निवासी अख्तर ने करनाल विजिलेंस के पास शिकायत दी थी। उन्होंने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसकी रावल टीसी के नाम से ट्रांसपोर्ट है। वह तीन गाड़ियों में रेत व बजरी यमुनानगर से लेकर शामली यूपी में सप्लाई करता है। वह यमुनानगर में तैनात आरटीए से अपनी गाड़ियों को ओवरलोड की स्थिति में चलाने के लिए अगस्त 2022 में मिला था। जिस पर आरटीए ने उसे अपने कार्यालय के एक कर्मचारी से मिलवाया। कर्मचारी ने उसे नीरज गुलाटी व अंकित गर्ग के नंबर दिए। बताया गया कि संदीप करनाल का एरिया देखता है। वह नीरज से मिला तो उसने तीनों गाड़ियों के 27000 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से मांगे जबकि ओवरलोडिंग में चलाने के लिए उसने पांच गाड़ियों के हर माह 50 हजार रुपये मांगे। जिस पर उसने 20 हजार रुपये संदीप के फोन नंबर पर डिजिटल पे कर दिए। 30 हजार रुपये उसने 10 अक्तूबर तक देने को कहा। जब उसने अंकित से अपनी गाड़ियों कि एंट्री करवाने को कहा तो वह हरियाणा नंबर की गाड़ी के 9000 रुपये व यूपी नंबर के 15500 रुपये प्रति गाड़ी देने होंगे। जिस पर उसे 40 हजार रुपये लेकर यमुनानगर बुलाया गया।
इस पर उसने विजिलेंस को शिकायत दे दी। शिकायत में आरोपीने आरटीए सुभाष, नीरज गुलाटी, अंकित गर्ग व संदीप पर उसकी गाड़ियों का चालान करने का भय दिखाकर पैसे मांगने का आरोप लगाया। आरोपी का कहना है कि इसकी रिकार्डिंग भी उनके पास है। जिसके बाद टीम ने दलालों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। नौ अक्तूबर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये लेते पंसारी बाजार निवासी अंकित व उसके साथी लवली को पकड़ा गया। इसके बाद बाईपास रोड से गांधी धाम कॉलोनी निवासी नीरज को गिरफ्तार किया । आरोपियों के घर से करीब पांच लाख रुपये भी विजिलेंस ने बरामद किए थे। इनमें से लवली को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जबकि अंकित व नीरज को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। वीरवार को दोनों का रिमांड पूरा होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया। आरोपी अंकित व नीरज से पूछताछ के बाद विजिलेंस ने संदीप को गिरफ्तार किया। उसके घर से 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं, जो अभी रिमांड पर है।