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भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे आरटीए चार दिन के रिमांड पर

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RTA trapped in corruption charges on remand for four days - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे आरटीए डॉ. सुभाष चंद्र को कोर्ट में पेश करने के बाद विजिलेंस करनाल ने कोर्ट में पेश किया। विजिलेंस ने उन्हें चार दिन के रिमांड पर लिया है। विजिलेंस रिमांड के दौरान उनसे यह पता करेगी कि ओवरलोड वाहनों को निकालने की एवज में अब तक उन्होंने कितने चालकों से रुपये लिए हैं। इसके अलावा ऐसे कितने दलाल हैं जो इसमें शामिल हैं। आरटीए के नाम पर लिए जाने वाले रुपये जिले के किसी और अधिकारी को दिए जाते थे या नहीं इसका भी विजिलेंस पता लगाने में जुटी है।
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भ्रष्टाचार के लिए पहले से ही बदनाम आरटीए कार्यालय में डॉ. सुभाष चंद्र ने गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान बतौर आरटीए ज्वाइन किया था। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के नियमों में काफी बदलाव किए। उन्होंने कार्यालय के दरवाजे पर ही एक कर्मचारी को बिठा दिया था। जिसे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, वह किसे मिलने आए हैं वह नोट करना था। इसके इतना ही नहीं अंदर एंट्री करते ही एक दरवाजा अलग से लगाया गया। जिसे हर समय अंदर से बंद रखा जाता था। कोई खास काम होने पर ही आवाज लगाकर अंदर से दरवाजा खुलवाया जाता था। आरटीए का कार्यालय भी इसी दरवाजे के पीछे था। क्योंकि यह आरोप लगते थे कि दलाल सरेआम कार्यालय में आना जाना करते थे। उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की थी कि अब आरटीए कार्यालय में भ्रष्टाचार के सारे दरवाजे बंद हो चुके हैं। परंतु हुआ ठीक इसके विपरीत। भ्रष्टाचार कम तो नहीं हुआ वह खुद भी इसके लपेटे में आ गए।
24 घंटे सड़कों पर रहती है आरटीए की टीम
ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के लिए आरटीए की दो टीमें 24 घंटे सड़कों पर रहती हैं। एक टीम दिन के समय व दूसरी टीम रात को चेकिंग करती है। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद आरटीए कार्यालय से भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो सका है। चेकिंग करने वाली टीमों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इस विभाग से जुड़े लोगों का तो यहां तक कहना है कि यदि ईमानदारी से सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों को पकड़ा जाए तो हर माह होने वाले प्राप्त होने वाली जुर्माना राशि में तीन से चार गुणा का इजाफा हो सकता है। इस साल जनवरी से जुलाई माह तक आरटीए की टीम ने न्यूनतम एक करोड़ 19 लाख और अधिकतम एक करोड़ 66 लाख रुपये हर माह वाहन चालकों पर जुर्माना किया गया।
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रेत, बजरी लेकर ओवरलोड चलते हैं वाहन
जिले में बड़े स्तर पर यमुना समेत अन्य नदियों में खनन साइट हैं। जिनसे काफी मात्रा में खनन सामग्री निकलती है। रोजाना चार हजार से ज्यादा ट्रकों व डंपरों पर माइनिंग जोन से खनन सामग्री न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर प्रदेश व राजस्थान में भी सप्लाई होता है। जो वाहन बहुत दूर से आते हैं वह अक्सर क्षमता से अधिक खनन सामग्री लेकर चलते हैं। ऐसा इसलिए कि वह किराया बचाने के लिए एक ही बार में ज्यादा सामग्री ले जाते हैं। ऐसे वाहन अक्सर रात के अंधेरे में ही चलते हैं ताकि दिन के समय लोगों की नजरों में न आए। यही वजह है कि रात के समय आरटीए की टीमें सड़कों पर रहती हैं।
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