Rosie Sikka's killer servant convicted, will be in jail till his last breath
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जगाधरी। स्टोन क्रशर संचालक दीपांशु उर्फ मोंटी की पत्नी रोजी सिक्का की हत्या के दोषी विलाट पासवान उर्फ राजेश को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेहा नोहरिया की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 16 मई 2019 को न्यू जैन नगर में स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट संचालक दीपांशु उर्फ मोंटी की पत्नी रोजी सिक्का की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप नौकर विलाट पासवान उर्फ राजेश निवासी बिहार पर लगा था। विलाट ने ही सबसे पहले अपने मालिक को रोजी की हत्या की सूचना भी दी थी। इसके बाद राजेश ने दो बार अपना बयान बदला था। सीआईए टू ने जब राजेश को रिमांड पर लिया तो उसने बताया कि रोजी उसे भरपेट खाना नहीं देती थी, इसलिए उसने हत्या कर दी। फिर सीआईए टू ने दोबारा राजेश को रिमांड पर लिया तो उसने खुलासा किया कि हत्या रोजी के ससुर राजेंद्र ने करवाई है। इसके लिए उसे 50 हजार रुपये का लालच दिया गया था। इसके बाद डिटेक्टिव स्टाफ ने कई महीनों तक इस केस की जांच की और अंत में रोजी सिक्का के ससुर राजेंद्र सिक्का को क्लीन चिट दे दी। हत्याकांड को लेकर यमुनानगर में धरने और प्रदर्शन भी किए गए थे। इस केस की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने विलाट पासवान उर्फ राजेश को रोजी सिक्का की हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
राजेश के क्वार्टर से बरामद हुआ था हत्या में इस्तेमाल चाकू
विलाट पासवान उर्फ राजेश करीब डेढ़ साल से राजेंद्र सिक्का के यहां नौकर था और कोठी के सामने बने सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी के क्वार्टर से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और आरोपी के खून लगे कपड़े बरामद किए थे।