महत्वपूर्ण रूटों पर बसों की कमी झेल रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर हैं। दीवाली के बाद यमुनानगर डिपो में ड्राइवरों और कंडक्टरों की कमी पूरी हो जाएगी। उसके बाद दिल्ली, चंडीगढ़, करनाल, कुरुक्षेत्र, सहारनपुर, हरिद्वार और पांवटा साहिब के रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी। रोडवेज अधिकारियों ने नई प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है। बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ने से जहां राजस्व की वृद्धि होगी, वहीं यात्रियों का सफर और ज्यादा आसान हो जाएगा। सबसे ज्यादा ध्यान दिल्ली के रूट पर दिया जा रहा हैं, क्योंकि इस रूट पर सवारियों का ज्यादा दबाव रहता है और स्टाफ की कमी के चलते सबसे ज्यादा बसें इसी रूट पर कम हुई है। क्योंकि अप डाउन में 10 घंटे का समय लगता है। ऐसे में ओवरटाइम नहीं देने से स्टाफ इस रूट से हट गया। पहले जहां 20 मिनट की सर्विस होती थी, वहीं अब शाम पांच बजे के बाद शाम को सात बजे और फिर नौ बजे बस निकलती है।
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कुल बसें-145
रूट-80
कंडक्टर- 228
ड्राइवर-250
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बंद रूटों को भी शुरू करेगा रोडवेज
-यमुनानगर से जम्मू, कटरा, मलेरकोटला, लुधियाना, देहरादून, अमृतसर, बैजनाथ, धर्मशाला आदि रूट बंद पड़े हैं। ये कमाई के मामले में अहम रूट हैं, लेकिन स्टाफ और बसों की कमी के चलते इन रूटों से गाड़ियां हटा ली गई थी। कटरा के रूट को छह महीने पहले दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद इसे फिर से बंद कर दिया। जबकि कांगडा, मनानी और शिमला के रूट चलाएं जा रहे हैं।
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दिल्ली रूट पर शाम के वक्त कम सर्विस
यमुनानगर से करनाल, पानीपत होते हुए दिल्ली के रूट पर शाम के वक्त बहुत कम बसें हैं। शाम को पांच बजे के बाद छह बजे या फिर सात बजे बस मिलती है। फिर दो घंटे बाद रात को नौ बजे ही बस मिलती है। इस रूट पर 35 ड्यूटी हैं, लेकिन फिलहाल 26 ड्यूटी ही चलाई जा रही हैं। ऐसे में यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि शाम के वक्त करनाल और कुरुक्षेत्र के लिए भी बसों की कमी होती है।
डिमांड के बावजूद नहीं चल रहे रूट
नवरात्र पर श्रद्धालुओं की तरफ कटरा माता वैष्णो देवी पर बसें चलाने की मांग की गई थी, लेकिन स्टाफ और बसों की कमी के चलते रूट शुरू नहीं किया गया। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर ऋषिकेश और हरिद्वार के रूट पर भी बसों की संख्या नहीं बढ़ाई गई थी। हालांकि रोडवेज ने कपालमोचन मेले और त्रिलोकपुर मेले के लिए स्पेशल ड्यूटियां जरूर लगाई थी।
वर्जन
-यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रोडवेज प्रयासरत है। डेप्यूटेशन पर आएं ड्राइवर व कंडक्टर अपने मूल डिपो भेजे जा चुके हैं। ऐसे में स्टाफ की कमी के चलते कुछ रूट बंद हैं। दीवाली के बाद स्टाफ पूरा हो जाएगा। तब महत्वपूर्ण रूटों पर बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाई जाएगी और बंद रूटों को फिर से शुरू किया जाएगा। इस बारे में प्लानिंग की जा रही है।
-लेखराज, महाप्रबंधक, रोडवेज