संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय आदर्श संस्कृत विद्यालय में एनएसएस की प्रथम व द्वितीय यूनिट के शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में यूनिट के 200 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। स्वयंसेवकों ने सफाई अभियान चला आसपास के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम अधिकारी राजीव ग्रोवर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के निर्माण में वहां के युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। भारत युवाओं का देश है, जहां 65 प्रतिशत युवा हैं।
ग्रोवर ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण करना है। युवा पूरे हौसले से जीवन में आगे बढ़ें और संकल्प लें कि अपने समाज एवं राष्ट्र के लिए वे अनवरत काम करेंगे। एनएसएस के स्वयंसेवक आम लोगों को स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। एनएसएस का विशेष शिविर छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर उनमें सामाजिकता, नेतृत्व क्षमता एवं समाजसेवा की भावना विकसित करने में सक्षम है।
एनएसएस स्वयंसेवक निस्वार्थ सेवा भाव की प्रतिमूर्ति हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी की स्वच्छता की चर्चा करते हुए कहा कि यदि हम सब स्वच्छ रहेंगे, तभी हमारा राष्ट्र स्वस्थ होगा। 1969 में देश में 40 हजार छात्रों से प्रारंभ एनएसएस में आज 40 लाख से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं। एनएसएस छात्रों में छुपी हुई प्रतिभा को निखार आता है। इसकी समाज और युवा दोनों के लिए काफी महत्ता है। एनएसएस युवाओं में आत्मबल एवं स्वावलंबन की भावना जगा कर समाज के प्रति दायित्व बोध कराने में सक्षम हैं।