मृतका रोजी सिक्का का फाइल फोटो।
- फोटो : YAMUNA NAGAR
रोजी हत्याकांड मामलेे में पुलिस ने उसके पति न्यू जैन नगर निवासी स्टोन क्रशर संचालक दीपांशू सिक्का को हत्या के करीब पांच माह बाद हिरासत में ले लिया है। मृतक रोजी के मायके वालों की सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे उसके चाचा के घर गुरुनानकपुरा से काबू किया।
दीपांशू के गुरुनानकपुरा कॉलोनी में होने की सूचना रोजी के मायके वालों को पहले ही लग गई थी। उन्होंने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सीआईए टू की टीम ने वहां पर रेड की। वहां पर दीपांशू मौजूद था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बाद में उसे डिटेक्टिव स्टाफ को सौंप दिया। वहां पर देर शाम तक उससे पूछताछ चल रही थी। उधर, मामले में दूसरे आरोपी एवं मृतका रोजी के ससुर राजेंद्र सिक्का अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
राजेंद्र सिक्का के बारे में की पूछताछ : बताया जा रहा कि पुलिस दीपांशू से उसके पिता राजेंद्र सिक्का के बारे में पूछताछ कर रही है। पूछताछ में दीपांशू ने पुलिस को बताया कि उसे अपने पिता राजेंद्र सिक्का का कुछ पता नहीं है। उसकी तो सिर्फ 15 दिन पहले उसके पिता से संपर्क हुआ था। अगर उसे पिता के बारे में पता चलता है तो वह उन्हें ये ही सलाह देंगे कि वे पुलिस के सामने पेश हो जाएं।
पूछताछ में दीपांशू के हत्या में शामिल होने की बात नहीं आई सामने : डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज जयपाल आर्य का कहना है कि हमने दीपांशू से पूछताछ की है। अभी कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है कि वह हत्या में शामिल रहा हो। फिर भी हमारी जांच जारी है। उधर, रोजी के परिवार का कहना है कि राजेंद्र सिक्का कहां पर है इसका पता दीपांशू को है। बाप-बेटा साथ ही फरार हुए थे। पुलिस उसे न छोड़े। उससे सख्ती से पूछताछ करे तो पूरी बात वह बताएगा।
यह है पूरा मामला : बता दें कि 16 मई 2019 को न्यू जैन नगर में जब रोजी अपने सात माह के बेटे के साथ बेडरूम में थी तब उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सबसे पहले सीआईए टू ने सिक्का परिवार के नौकर विलीट पासवान उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया था। पहले नौकर ने कहा था कि रोटी के लिए उसने रोजी का मर्डर किया, लेकिन बाद में कहा था कि राजेंद्र सिक्का ने उसे हत्या करने के लिए 50 हजार रुपये का लालच दिया था। इसलिए उसने हत्या की है। पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र सिक्का को भी आरोपी बनाया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी वारंट जारी करा चुकी है, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चला है। तीन माह से बाप-बेटा फरार थे। इस मामले में दीपांशू पुलिस के हाथ अब लगा है। रोजी का परिवार इस मामले में कई बार पुलिस और राजनीतिक लोगों पर उंगली उठा चुका है। कई बार प्रदर्शन भी हुए। कई बार एसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों के समक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं।