पुराना रादौर रोड फाटक पर मार्च-2024 तक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) तैयार हो सकता है। क्योंकि इसका 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अगले पांच माह में शेष 30 फीसदी काम भी पूरा होने की उम्मीद है। इसका निर्माण करवा रहे रेलवे व पीडब्ल्यूडी अफसरों की मानें तो मार्च तक आरओबी का निर्माण कार्य होने की पूरी संभावना है।
बता दें कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में रेलवे फाटक बंद कर उनके स्थान पर अंडरपास या आरओबी बनाए जा रहे हैं। इसी तरह जनवरी 2021 में फर्कपुर, सितंबर 2023 में गांधीनगर और अब मई-2023 में जमना गली रेल फाटक के रास्तों को बंद कर अंडरपास चालू किए गए। इनके निर्माण में दो से ढ़ाई वर्ष का समय लगा। ऐसे ही फरवरी 2022 में पुराना रादौर रोड रेल फाटक की रोड क्रॉसिंग बंद कर आरओबी का काम लगा, जो मार्च-2024 तक पूरा हो सकता है। अभी रेलवे फाटक के दोनों ओर पुराना रादौर रोड और पुराना हमीदा की ओर शुगर मिल समीप तक आरओबी के पिलर सहित ढांचा तैयार हो चुका है, जहां फिनिशिंग का काम चल रहा है।
अब बीच बचे रेलवे ट्रैक पर आरओबी का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके लिए रेलवे की ओर से ब्लॉक भी लिया जाना है। अफसरों की मानें तो यह शेष कार्य मार्च तक पूरा करने का प्रयास है। इस बारे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता की मानें तो पुराना रादौर रोड रेल फाटक पर आरओबी का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। कुछ माह में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
रेलवे फाटक के रास्तों पर अंडरपास व आरओबी बनने से रेल लाइन के दोनों ओर बसी कॉलोनियों व गांवों की सीधी कनेक्टिविटी होगी। साथ ही फाटक के रास्ते क्रॉसिंग के दौरान रहने वाली ट्रैफिक जाम व ट्रेन से कटकर मरने व घायल होने जैसी घटनाओं से भी छुटकारा मिलेगा।