शहर में रेलवे बाईपास पर सड़क से नीचा बरम। संवाद
यमुनानगर। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और उनमें हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को सड़कों की व्यवस्था के संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के बरम यदि दुरुस्त नहीं पाए गए तो संबंधित एसडीओ और जेई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खराब बरम सड़क हादसों का बड़ा कारण बन रहे हैं और लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। डीसी ने पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ एसडीओ और जेई से लिखित रिपोर्ट लें। इस रिपोर्ट में अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से लिखकर देना होगा कि उनके कार्य क्षेत्र की सभी सड़कों के बरम सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हैं। यदि किसी सड़क का बरम टूटा हुआ, धंसा हुआ या सड़क की सतह से ऊंचा-नीचा है, तो उसका पूरा विवरण रिपोर्ट में देना अनिवार्य होगा।
यदि गलत रिपोर्ट दी और बाद में वहां हादसा होता है तो जिम्मेदारी एसडीओ व जेई की तय की जाएगी। इस साल जिले में हुए सड़क हादसों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिला में इस साल एक जनवरी से लेकर 19 दिसंबर तक 380 सड़क हादसे हुए। जिनमें 220 लोगों की जान गई और 310 लोग घायल हुए। वहीं 2024 में 365 सड़क हादसों में 196 लोगों की जान गई थी। सड़क हादसों की बड़ी वजह वाहन चालकों की लापरवाही तो होती ही है। साथ में कहीं न कहीं सड़कों की खराब हालत भी हादसों का कारण बनती है। कई बार सड़क के बरम ठीक न होने के कारण वाहन संतुलन खो बैठते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालक और रात के समय सफर करने वाले लोग ऐसे स्थानों पर अधिक हादसों का शिकार हो रहे हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब सड़क और बरम के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता और वाहन सीधे नीचे उतर जाते हैं।
जिला में ज्वाइन करते ही डीसी सड़क हादसों को लेकर काफी गंभीर दिखी हैं। गत सप्ताह हुई रोड सेफ्टी की बैठक में ही डीसी ने सभी अधिकारियों को यह मैसेज दे दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका मानना है कि सड़क हादसों में हो रही मौतें केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कई परिवारों का उजड़ना छिपा है। यदि थोड़ी सी लापरवाही के कारण किसी की जान जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। संवाद
शहर में रेलवे बाईपास पर सड़क से नीचा बरम। संवाद